गाजियाबाद विकास की राह में, महापौर और नगर आयुक्त ने विकास योजनाओं पर किया मंथन

• निगम अधिकारियों को महापौर व नगर आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश- छूटी संपत्तियों पर टैक्स वसूली तेज करने का आदेश
• आय बढ़ाने के लिए नए स्रोतों की खोज पर जोर, किराया वसूली में लाने की तैयारी
• इंदिरापुरम और बायोडायवर्सिटी पार्क को मिलेगा विशेष बजट, अवस्थापना निधि के बेहतर उपयोग की रूपरेखा तैयार
• चालू प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार, विकास कार्यों की निगरानी के लिए बनेगी प्रगति रिपोर्टिंग टीम
• गाजियाबाद नगर निगम की विकास योजनाएं प्रदेश में बनीं मिसाल- अन्य नगर निकायों के मुकाबले अग्रणी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम अब शहर को मेट्रो स्तर की सुविधाएं देने और विकास की गति को और तेज करने के लक्ष्य के साथ पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में शहर के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ कार्य करें ताकि गाजियाबाद की विकास योजनाएं केवल कागजों में न रहें, बल्कि ज़मीन पर तेज़ी से क्रियान्वित हों। महापौर ने निर्देश दिया कि छूटी हुई संपत्तियों को चिह्नित कर वहां संपत्ति कर की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए। इसके साथ ही, निगम की संपत्तियों से मिलने वाले किराए की वसूली को भी गति दी जाए।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को कहा कि कर वसूली के पुराने रिकॉर्डों की पुन: जांच की जाए और जहां जरूरत हो, वहां टीम बनाकर विशेष वसूली अभियान चलाया जाए। नगर निगम अपनी आंतरिक आय को सुदृढ़ करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने जा रहा है। महापौर ने कहा कि आय के नए स्रोतों की पहचान की जाए और उपयोग में नहीं लाई जा रही संपत्तियों को किराए पर देकर राजस्व में इजाफा किया जाए। बैठक में अवस्थापना निधि के उचित उपयोग पर विशेष चर्चा की गई। इंदिरापुरम क्षेत्र और प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क को प्राथमिकता पर रखकर विकास कार्यों की योजना बनाई गई है। इन क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए बजट का समुचित उपयोग किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने कहा कि जो भी विकास परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं, उनमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। हर प्रोजेक्ट की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और ज़रूरत पडऩे पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य नगर निकायों के मुकाबले गाजियाबाद नगर निगम के कार्य सबसे अधिक प्रभावी और सराहनीय रहे हैं। इसकी योजनाएं जनहित में बेहतर और तेज़ी से लागू होती रही हैं, जिससे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर निरंतर उन्नत हो रहा है।