-गाजियाबाद में 132 आवेदन लंबित, 15 जुलाई तक निस्तारण का अल्टीमेटम; कार्रवाई की चेतावनी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों को लेकर बुधवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीडीओ ने बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का 15 जुलाई 2025 तक हर हाल में निस्तारण किया जाए, अन्यथा संबंधित बैंक अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन बैंक के जिला समन्वयकों से आवेदन लंबित रहने के कारणों की बैंकवार समीक्षा की गई।
जानकारी के अनुसार, एचडीएफसी बैंक में 37, यूको बैंक में 07, पंजाब एंड सिंध बैंक में 28, और इंडियन बैंक में 60 आवेदन अभी तक लंबित हैं। इस पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई और इसे योजना के उद्देश्यों के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देना है, लेकिन बैंकों की उदासीनता के कारण लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से इंतजार करना पड़ रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 15 जुलाई 2025 तक लंबित सभी आवेदनों का निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित शाखा प्रबंधक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक को निर्देश दिए कि वे सभी बैंक शाखाओं से समन्वय कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। सीडीओ ने कहा कि यह योजना युवाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, और इसमें देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने किया। उन्होंने कहा कि अब हर दिन लंबित मामलों की प्रगति पर निगरानी की जाएगी और मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला उद्योग केंद्र और बैंकों के बीच तालमेल को और मजबूत किया जाएगा।
















