डिफाल्टर आवंटियों को मिलेगी राहत-एकमुश्त समाधान योजना से खुला राहत का दरवाज, पहले ही दिन उमड़ा आवेदकों का उत्साह

-ब्याज में छूट पाने को 100 आवंटियों ने लिए आवेदन फॉर्म, 12 ने तुरंत किया आवेदन
– स्वागत कक्ष में बना विशेष हेल्प डेस्क, नियमों की जानकारी देकर किए जा रहे आवेदन स्वीकार
– 18 अप्रैल से 17 जुलाई तक लागू रहेगी योजना, सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा डिफाल्टर आवंटियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू कर दी गई है। योजना लागू होते ही आवंटियों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए जीडीए कार्यालय पहुंचने लगे। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर लागू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य लंबित बकाया राशि पर ब्याज में छूट देकर आवंटियों को राहत देना और वर्षों से लंबित मामलों का समाधान करना है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशानुसार प्राधिकरण परिसर के स्वागत कक्ष में विशेष व्यवस्था की गई है, जहां ओटीएस योजना से संबंधित आवेदन जमा किए जा रहे हैं और आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मंगलवार को जीडीए की विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) कनिका कौशिक ने स्वयं स्वागत कक्ष पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवंटियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित कराया कि योजना से जुड़ी सभी जानकारी आवंटियों को सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

जीडीए द्वारा ओटीएस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। समाचार पत्रों, एफएम रेडियो, रेडियो चैनलों, होर्डिंग्स, बैनर, पम्पलेट्स और स्टैंडी के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आवंटियों की सुविधा के लिए 18 अप्रैल से ओटीएस-2026 हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है, जहां पात्र संपत्ति एवं मानचित्र से जुड़े डिफाल्टर आवंटियों को योजना की सभी शर्तों और नियमों की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवेदन फॉर्म का वितरण शुरू कर दिया गया है। ओएसडी कनिका कौशिक ने बताया कि योजना लागू होने के बाद अब तक लगभग 100 आवंटियों और आवेदनकर्ताओं ने आवेदन फॉर्म प्राप्त किए हैं, जबकि 12 आवेदकों ने अपना आवेदन भरकर जमा भी कर दिया है। आवंटियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में आवेदन संख्या तेजी से बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि ओटीएस योजना का लाभ सभी प्रकार की संपत्तियों-आवासीय, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों-पर लागू किया गया है। इससे लंबे समय से बकाया भुगतान न कर पाने वाले आवंटियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। योजना के माध्यम से आवंटी ब्याज में छूट पाकर अपने लंबित मामलों का निस्तारण करा सकेंगे। जीडीए अधिकारियों के अनुसार यह योजना 18 अप्रैल 2026 से 17 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने वाले आवंटियों को ही इसका लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक डिफाल्टर आवंटी योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया मामलों को समाप्त करें और संपत्तियों को नियमित कराएं। ओटीएस योजना न केवल आवंटियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी, बल्कि प्राधिकरण की लंबित राजस्व वसूली में भी तेजी आएगी। शुरुआती प्रतिक्रिया को देखते हुए जीडीए को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में आवंटी आगे आकर इस योजना का लाभ उठाएंगे और वर्षों से लंबित प्रकरणों का समाधान संभव हो सकेगा।