-10 हजार वर्गगज की कॉलोनी पर चला हथौड़ा, शालीमार गार्डन में भी जीडीए की सख्ती से कांपे बिल्डर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। मंगलवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने पिलखुवा क्षेत्र के गांव गालंद में बिना अनुमति के विकसित की जा रही 10 हजार वर्गगज की अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। वहीं दूसरी ओर, शालीमार गार्डन में मानचित्र के विपरीत बने फ्लोर और निर्माण को बुलडोजर से नेस्तनाबूद कर दिया गया।
पिलखुवा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनमें उन्होंने अवैध निर्माणों को बर्दाश्त न करने की नीति पर सख्ती से अमल करने को कहा है। जीडीए प्रवर्तन जोन-5 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता सुनील कुमार व मनोज सिंह के साथ-साथ जीडीए पुलिस बल और धौलाना थाना पुलिस भी मौजूद रही।
कॉलोनाइज़र सचिन त्यागी और राहुल त्यागी द्वारा ग्राम गालंद के खसरा संख्या 327 व 329 पर बगैर किसी वैध अनुमति के लगभग 10 हजार वर्गगज क्षेत्र में बनाई जा रही अवैध कॉलोनी में बने कमरे, बाउंड्री वॉल और भूखंडों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान विरोध भी हुआ, लेकिन जीडीए पुलिस बल की सतर्कता के चलते किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृति कोई भी निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जीडीए की प्रवर्तन जोन-8 टीम ने शालीमार गार्डन एक्सटेंशन और मेन क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार के नेतृत्व में सहायक अभियंता सुरजीत कुमार, अवर अभियंता अखिलेश कुमार और रितुपाल की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर उन भवनों को ध्वस्त किया जिनमें स्वीकृत नक्शे के विपरीत अतिरिक्त तल और कॉलम बनाए गए थे। भूखंड संख्या 279 और 187 (एक्सटेंशन-1) तथा बी-207 (मेन) पर हुए इन अवैध निर्माणों को बुलडोजर और हथौड़े से ध्वस्त कर दिया गया। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इस कठोर कार्रवाई से शहरभर के बिल्डरों और प्लॉट डीलरों में हड़कंप मच गया है।
जीडीए प्रवर्तन अधिकारियों का साफ संदेश है कि अवैध कॉलोनी या बिना स्वीकृति के निर्माण किसी भी सूरत में नहीं चलने दिए जाएंगे और कार्रवाई का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होगा। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या निर्माण को खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच कर लें। साथ ही, बिना स्वीकृति के कोई भी निर्माण कार्य न करें, अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।















