शिवभक्ति में डूबी कौशांबी, प्राचीन सनातन धर्म मंदिर में गूंजे रुद्रपाठ

-श्रावण मास के प्रथम सोमवार को हुआ रुद्राभिषेक महोत्सव का दिव्य आयोजन
-शिवलिंग का पुष्प श्रृंगार, भक्ति में लीन दिखा जनसमुदाय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास के पहले सोमवार के पावन अवसर पर मंगलवार को कौशांबी स्थित प्राचीन सनातन धर्म मंदिर में रुद्राभिषेक महोत्सव का भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन कौशांबी के सात समर्पित परिवारों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर में दोपहर 12 बजे से रात्रि 8 बजे तक पाँच वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक विधिपूर्वक संपन्न कराया गया। श्रद्धालु घंटों तक भक्ति में डूबे, मंत्रध्वनि और रुद्रपाठ की ऊर्जा से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। रुद्राभिषेक के पश्चात भगवान शिव का भव्य फूलों से श्रृंगार किया गया, जिसमें गुलाब, मोगरा, बेला और हरश्रृंगार के पुष्पों से शिवलिंग को अलंकृत किया गया। इसके उपरांत पूरे विधि-विधान से शिव महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमुदाय ने एक स्वर में ओम नम: शिवाय का जाप कर वातावरण को पावन बना दिया।

आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें प्रसाद स्वरूप फल, पंचामृत और हलवा का वितरण हुआ। आयोजन में सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड पार्षद कुसुम गोयल एवं पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार होता है।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक समाजसेवी सुनील गांधी, कौशांबी प्लॉट एरिया के अध्यक्ष देवेंद्र भार्गव, राजन मल्होत्रा, अजीत नारंग, संजय बत्रा, नरेश मिगलानी और सुदीप यादव ने जजमान के रूप में सम्मिलित होकर पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। पूरे आयोजन में कौशांबी क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और श्रद्धा व समर्पण से रुद्राभिषेक के साक्षी बने। आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान की, बल्कि सामाजिक एकजुटता और संस्कृति संरक्षण का भी संदेश दिया।