‘संभव’ में उठीं जनता की आवाज़, जलभराव से राहत के लिए नगर आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

-नगर निगम मुख्यालय में जनसुनवाई, आठ संदर्भों पर तत्परता से हुई कार्यवाही
-जलकल विभाग पर रहा फोकस, हर जोन में अतिरिक्त पंप सेट लगाने के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगरवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान कुल आठ जनसंदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश शिकायतें जलकल विभाग से संबंधित थीं। इस जनसुनवाई में जन प्रतिनिधियों, आम नागरिकों और निगम अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे एक सार्थक संवाद का स्वरूप दिया। जनसुनवाई के दौरान विजयनगर क्षेत्र के बागू वार्ड-1 से एक महत्वपूर्ण संदर्भ प्राप्त हुआ, जिसमें पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 10 एचपी क्षमता के पंप को चालू करने की मांग की गई। वहीं, गांधीनगर क्षेत्र के नागरिकों ने सिटी जोन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में तेज वर्षा के बाद बार-बार जलभराव की गंभीर समस्या को उठाया। इन दोनों मामलों पर नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस प्रकार की समस्याओं में कोई भी देरी अस्वीकार्य होगी और समाधान तुरंत सुनिश्चित किया जाए।

जलभराव से निपटने के लिए नगर आयुक्त ने विशेष रूप से जलकल विभाग को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम में सभी ज़ोन, चाहे वे जलभराव के हॉटस्पॉट घोषित हों या नहीं, उन सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पंप सेट की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे इलाकों में जहां पानी की निकासी धीमी होती है या रुकावट आती है, वहां विशेष निगरानी रखते हुए अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए। नगर आयुक्त ने यह स्पष्ट कर दिया कि समस्या की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और नागरिकों को हर परिस्थिति में राहत महसूस होनी चाहिए। इस जनसुनवाई में प्राप्त आठ संदर्भों में से तीन जलकल विभाग से, जबकि शेष पांच अन्य विभागों से संबंधित रहे। निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, संपत्ति विभाग तथा टैक्स विभाग से एक-एक संदर्भ प्राप्त हुआ। सभी विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समाधान के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों व फील्ड स्टाफ को कार्यवाही के निर्देश जारी किए।

नगर आयुक्त ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण की जाए और शिकायतकर्ता को समाधान की सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए। जनसुनवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार सहित निगम के सभी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से यह विश्वास दिलाया कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान निगम की प्राथमिकता है और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जनसुनवाई के समापन पर स्पष्ट रूप से कहा कि ‘संभव’ केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का एक जरिया है।

उन्होंने कहा कि निगम की यह जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को समस्याओं से निजात दिलाई जाए, और इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता से काम करें। उन्होंने यह भी दोहराया कि केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रबंधन की सोच के साथ ही नगर निगम को कार्य करना होगा। ‘संभवÓ जनसुनवाई एक बार फिर यह साबित करने में सफल रही कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और नागरिक सहभागिता साथ हो, तो समस्याओं का समाधान संभव है। नगर निगम की यह पहल पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिसे लगातार सशक्त किया जा रहा है।