-कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज में हुआ भव्य वृक्षारोपण और सांस्कृतिक आयोजन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त कदम उठाते हुए भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन के तत्वावधान में शनिवार को कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन का उद्देश्य सिर्फ पौधारोपण नहीं, बल्कि समाज में हरियाली, सहभागिता और चेतना का संदेश फैलाना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर सुनीता दयाल ने विद्यालय के साथ अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियाँ साझा करते हुए इस आयोजन को संवेदनशील और व्यक्तिगत स्तर पर भी भावपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यालय परिसर के बाहर नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था और सहयोग का आश्वासन देते हुए आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र हितकारी ने किया।
अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने समाज को संगठित करने, पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति, वृक्ष संरक्षण और समसामयिक विषयों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से छू लिया। प्रदेश अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सावरिया ने विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों और फाउंडेशन की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्य अतिथि के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि महापौर की उपस्थिति ने इस आयोजन को गौरव और दिशा दोनों प्रदान की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए डॉ. विनय मित्तल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हम सिर्फ वृक्ष नहीं लगाते, हम उम्मीद लगाते हैं। हम समाज की आवाज हैं और हर स्तर पर सशक्तिकरण की दिशा में समर्पित हैं। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए विद्यालय प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए विद्यार्थियों की प्रस्तुति को सराहनीय बताया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से नगर निगम से कॉलेज टैक्स में रियायत और बाहरी परिसर की नियमित सफाई व्यवस्था हेतु सहयोग का अनुरोध भी किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय महामंत्री अखिलेंद्र गर्ग, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अंजू मित्तल, उपाध्यक्ष राजकिशोर गुप्ता, उद्योग विंग अध्यक्ष राजीव गोयल तथा विद्यालय प्रबंधक शरद गर्ग सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।यह आयोजन केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम न होकर पर्यावरण, शिक्षा और समाज सेवा के समन्वय का अनुपम उदाहरण बनकर उभरा

















