• गोबर से बनेगा पेंट, गीले कचरे से तैयार होगी खाद- नगर निगम की अभिनव योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना
• अमेरिका, जापान, कोरिया, अफ्रीका सहित दर्जनों देशों ने गाजियाबाद मॉडल को बताया अनुकरणीय
• फाइनल लिस्ट में जगह मिलने पर नगर निगम को मिल सकते हैं 10 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय ग्रांट
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की सीमाएं अब देश तक सीमित नहीं रहीं अब गाजियाबाद नगर निगम की योजनाएं और नवाचार विश्व स्तर पर झंडे गाड़ रहे हैं। अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित मंच ब्लूमबर्ग फिलैन्थ्रॉपीज मेयर्स चैलेंज 2025 में गाजियाबाद नगर निगम की तीन सदस्यीय टीम ने शहर की स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में चल रहे नवाचारों का दमदार प्रदर्शन कर दुनिया भर के नीति निर्माताओं का ध्यान खींचा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में भेजी गई इस प्रतिनिधिमंडल में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, और एक्सपर्ट टीम से तारूशी शामिल थीं। इस टीम ने दो प्रमुख योजनाएं गोबर से पेंट निर्माण और गीले कचरे से खाद उत्पादन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया, जिसे अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और अफ्रीकी देशों से भरपूर सराहना मिली। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि 630 वैश्विक आवेदनों में से केवल 50 शहरों को चयनित किया गया है, जिनमें भारत से गाजियाबाद एकमात्र शहर है।
इसके तहत नगर निगम को 50 लाख रुपये की पहली फंडिंग दी जा रही है। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन पर 10 करोड़ की ग्रांट मिलने का भी मार्ग प्रशस्त होगा। गोबर से पेंट निर्माण की योजना को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं हाईराइज़ सोसाइटीज से एकत्र गीले कचरे से बनने वाली खाद को नगर निगम अपने वृक्षारोपण अभियानों में उपयोग कर रहा है, जो कि शहर को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। महापौर सुनीता दयाल ने इस अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से “कचरा मुक्त और हरित गाजियाबाद” का विजन प्रस्तुत किया, जिसे विश्वभर के प्रतिनिधियों ने सराहा। उन्होंने कहा, यह केवल नगर निगम की उपलब्धि नहीं, बल्कि गाजियाबाद के हर नागरिक की भागीदारी और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने तीनों प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह टीम गाजियाबाद को फाइनल लिस्ट में पहुंचा कर 10 करोड़ की फंडिंग भी जरूर दिलाएगी। इन योजनाओं को न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से उपयोगी माना जा रहा है, बल्कि यह मॉडल देश-विदेश के अन्य शहरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनता जा रहा है। जहां एक ओर शहर में कचरा प्रबंधन की नई सोच विकसित हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रीन इनिशिएटिव्स और महिला सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा मिल रही है। गाजियाबाद नगर निगम अब स्वच्छता, हरियाली और सतत विकास के क्षेत्र में भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में एक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
“हरित गाजियाबाद” का सपना, मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
यह केवल गाजियाबाद नगर निगम की नहीं, बल्कि पूरे शहर की जीत है। ब्लूमबर्ग जैसे वैश्विक मंच पर हमारे नवाचारों को सराहना मिलना इस बात का प्रमाण है कि जब संकल्प और समर्पण एक साथ जुड़ते हैं, तो गाजियाबाद जैसे शहर भी दुनिया के नक्शे पर चमकने लगते हैं। हमने ‘हरित और कचरा मुक्त गाजियाबाद’ का जो सपना देखा है, वह अब साकार होता दिख रहा है। मैं नगर आयुक्त श्री विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई देती हूं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजियाबाद की प्रतिष्ठा बढ़ाई। हमारा अगला लक्ष्य फाइनल सूची में शामिल होकर 10 करोड़ की ग्रांट हासिल करना है, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी टीम यह भी कर दिखाएगी।
सुनीता दयाल
महापौर
पर्यावरण के क्षेत्र में गाजियाबाद बना ‘वैश्विक उदाहरण’

म्युनिसिपल कमिश्नर, गाजियाबाद
यह गाजियाबाद नगर निगम के लिए गौरव का क्षण है कि हमारी योजनाओं और नवाचारों को विश्व मंच पर स्थान मिला है। ब्लूमबर्ग फिलैन्थ्रॉपीज मेयर्स चैलेंज 2025 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में गाजियाबाद का चयन इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में ठोस प्रयास कर रहे हैं। हमारी तीन सदस्यीय टीम ने जिस प्रतिबद्धता से ‘गोबर से पेंट’ और ‘गीले कचरे से खाद’ जैसे नवाचार प्रस्तुत किए, उनकी सराहना अमेरिका, जापान, कोरिया और अफ्रीका जैसे देशों ने भी की। हमारा लक्ष्य न केवल 50 लाख की फंडिंग को सार्थक बनाना है, बल्कि पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाकर 10 करोड़ रुपए की अंतरराष्ट्रीय ग्रांट भी गाजियाबाद के लिए सुनिश्चित करना है। यह सफलता न केवल नगर निगम की, बल्कि हर उस नागरिक की है, जो गाजियाबाद को हरित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के इस अभियान में सहभागी बन रहा है। आने वाले समय में हम इन मॉडलों को और विस्तार देंगे और गाजियाबाद को एक वैश्विक उदाहरण के रूप में स्थापित करेंगे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















