ऑनलाइन दवा बिक्री बन रही जान का खतरा: गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

-अवैध इंटरनेट दवा बिक्री के विरोध में फार्मासिस्टों ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार से की जीएसआर 817(ई) वापस लेने की मांग

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन (जो अखिल भारतीय संगठन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एवं उत्तर प्रदेश केमिस्ट ड्रगिस्ट संगठन से संबद्ध है) द्वारा बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर अवैध ऑनलाइन दवा विक्रय और जीएसआर 817(ई) के विरोध में केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन केंद्र सरकार में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को प्रेषित किया गया, जिसमें यह अपील की गई कि देश के नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अविलंब कठोर कदम उठाए जाएं। गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने कहा कि ऑनलाइन दवा प्लेटफार्म आज देश में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। बिना चिकित्सकीय परामर्श और बिना वैध पंजीकरण के दवाइयों की खुली बिक्री हो रही है। इससे न केवल मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है, बल्कि पारंपरिक दवा व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य औषधि प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना रही है। हमारी मांग है कि त्रस्क्र 817 (ई) जैसे आदेश को तुरंत वापस लिया जाए, जिससे कि नियंत्रणहीन ऑनलाइन दवा व्यापार पर अंकुश लगाया जा सके। ज्ञापन में बताया गया कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री न केवल औषधि नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि इससे नकली और प्रतिबंधित दवाइयों के खुले बाजार में पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है। एसोसिएशन ने चेताया कि यदि सरकार ने इस विषय में तत्काल संज्ञान न लिया, तो राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद प्रधान एवं महामंत्री अशोक चावला की उपस्थिति में यह विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा गया। इसमें थोक दवा मंडी (नई बस्ती) सहित तहसील एवं नगर पालिकाओं से सैकड़ों केमिस्टों व पदाधिकारियों ने भाग लिया। महामंत्री जयदीप गुप्ता, संरक्षक योगेश अग्रवाल, संदीप गर्ग, अशोक चोपड़ा, राकेश पचौरी, यशवनी कुमार, हरिमोहन गोयल, वेद गंभीर, मनोज जैन, अनिल गुप्ता, रविंद्र शर्मा, आलोक त्यागी, सुबोध कुमार, शैलेश सैनी, साजिद खान, प्रतीक जैन, पंकज गर्ग, सुरेंद्र गुप्ता, राहुल शर्मा, अनुज गर्ग, तुषार अरोरा, ऋषभ भट्ट, कैलाश बिंदल, सुमित त्यागी, अमरीश त्यागी, डॉक्टर राकेश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारीगण। गाजियाबाद से उठी यह आवाज अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है।

दवा विक्रेताओं का कहना है कि हम किसी के रोजगार के विरोध में नहीं, बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के समर्थन में खड़े हैं। मुख्य मांगे इस प्रकार रहीं जिनमें मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर तुरंत रोक लगे। जीएसआर 817(ई) को वापस लिया जाए। राज्य औषधि प्रशासन अविलंब सक्रिय भूमिका निभाए। कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। गाजियाबाद केमिस्टों ने यह संदेश साफ कर दिया कि वे स्वस्थ समाज और सुरक्षित दवा वितरण प्रणाली के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे। यह आंदोलन अब केवल व्यापार का नहीं, बल्कि जनहित का सवाल बन चुका है।