-हर फरियादी की सुनवाई, हर शिकायत का निस्तारण, गाजियाबाद पुलिस आयुक्तालय में भरोसे का चेहरा बने डीसीपी सिटी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई के मामलों में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल हर दिन एक नया उदाहरण पेश कर रहे है। समस्याओं की अनदेखी की शिकायतों के दौर में जहां आमजन की आवाज़ अक्सर अनसुनी रह जाती है, वहीं डीसीपी धवल जायसवाल स्वयं कार्यालय में बैठकर दर्जनों लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और न केवल सुन रहे हैं बल्कि उनके समयबद्ध समाधान को भी सुनिश्चित करवा रहे हैं। डीसीपी सिटी की कार्यशैली बेहद मानवीय और अनुकरणीय है। वे प्रतिदिन अपनी दिनचर्या की शुरुआत कार्यालय में फरियादियों की समस्याएं सुनने से करते हैं। खास बात यह है कि जब तक कोई फरियादी उनके सामने उपस्थित रहता है, वे स्वयं अपनी सीट पर बने रहते हैं, और पूरी गंभीरता से उसकी समस्या को समझते हैं।
उनका यह मानना है कि केवल शिकायत दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे शिकायतकर्ताओं से नियमित रूप से फीडबैक भी लेते हैं। डीसीपी जायसवाल ने सभी सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि हर आने वाले फरियादी की बात ध्यान से सुनी जाए, उसका समाधान निश्चित समय सीमा में किया जाए और सबसे महत्वपूर्ण उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित हो। उन्होंने चेताया कि अगर कोई फरियादी बार-बार थाने या चौकी के चक्कर काटता है, तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे और खुद को कार्यवाही के लिए तैयार रखें।
बुधवार को भी डीसीपी सिटी ने अपने कार्यालय में बैठकर दर्जनों फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध हो। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की नेतृत्वशैली से यह स्पष्ट हो चुका है कि गाजियाबाद पुलिस अब सिर्फ कानून का रखवाला नहीं, बल्कि जनता का सच्चा सेवक बनने की ओर अग्रसर है। उनका यह दृष्टिकोण जनविश्वास को मजबूत कर रहा है और पुलिस की छवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहा है।
















