गाजियाबाद को बनाएंगे मॉडल सिटी, विकास में नहीं होगी कोई कमी: विक्रमादित्य सिंह मलिक

• हर वार्ड में चमकेगा विकास, नगर निगम ने बढ़ाया कदम
• हाउस टैक्स से बढ़ेगी रफ्तार, हर घर तक होगा विकास
• नगर निगम में पार्षदों और नगर आयुक्त की मैराथन बैठक
• आय बढ़ाने के लिए हाउस टैक्स पर फोकस, 20 प्रतिशत छूट से करदाताओं में उत्साह

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास कार्यों को तेज करने और नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में पार्षदों और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के बीच लगभग तीन घंटे लंबी अहम बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की गईं, हाउस टैक्स वसूली को तेज करने की रणनीति बनी और करदाताओं को राहत देने के लिए 20 प्रतिशत छूट की अवधि बढ़ाने पर पार्षदों ने खुशी जाहिर की। बैठक में यह साफ संकेत दिया गया कि आने वाले महीनों में गाजियाबाद में विकास कार्यों की रफ्तार और बढ़ेगी, साथ ही निगम की आय को भी नए स्रोतों से बढ़ाने की कोशिशें होंगी। बैठक की शुरुआत में विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और लंबित विकास कार्यों की लिस्ट नगर आयुक्त के सामने रखी। पार्षद गौरव सोलंकी ने कहा कि हमारे वार्डों में सड़क, नाली और लाइट के कार्य तुरंत पूरे हों। जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। पार्षद हिमांशु शर्मा ने सफाई और पेयजल की समस्या उठाई, जबकि नीरज गोयल ने जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।

पार्षदों ने यह भी कहा कि निगम पर किसी भी तरह का अनावश्यक कर्ज न बढ़े, लेकिन वित्तीय संसाधनों का सही इस्तेमाल कर वार्डों में समय पर कार्य पूरे हों। नगर निगम की आय बढ़ाने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हाउस टैक्स वसूली पर हुई। नगर आयुक्त ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने वार्डों में करदाताओं को समय पर टैक्स जमा करने के लिए जागरूक करें। 20 प्रतिशत छूट की बढ़ाई गई अवधि का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिलाने के लिए निगम एक जागरूकता अभियान भी चलाएगा। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बताया कि वसूली के लिए डिजिटल और डोर-टू-डोर दोनों तरह की पद्धतियां अपनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि छूट की अवधि जनता के लिए राहत है, लेकिन यह निगम की वित्तीय स्थिति भी मजबूत करेगी।

बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद एक तेजी से बढ़ता शहर है। यहां विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए। इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। हाउस टैक्स वसूली, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में पार्षदों का सहयोग जरूरी है। बैठक में पार्षद गौरव सोलंकी, हिमांशु शर्मा, नीरज गोयल, पवन गौतम, संतोष, शिवम शर्मा, देवनारायण शर्मा, सुधीर, पूर्व पार्षद डॉ मनोज गोयल, पूर्व पार्षद जाकिर सैफी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। निगम प्रशासन की ओर से अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अवनींद्र कुमार, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. मिथिलेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण पर भी चर्चा
बैठक में केवल वित्त और विकास ही नहीं, बल्कि शहर की अन्य चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है और इस दिशा में जल्द फैसला लिया जाएगा। कचरा पृथक्करण (वेस्ट सेग्रिगेशन) को बढ़ावा देने के लिए भी पार्षदों से सहयोग मांगा गया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ पर्यावरण, बल्कि निगम के लिए भी आर्थिक लाभ का कारण बनेगा।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
नगर आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आदेश दिया कि वार्डों में प्रकाश, जलकल, स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दें। हर कार्य का समयबद्ध निरीक्षण किया जाए और शिकायत मिलने पर तुरंत निपटारा हो। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने कहा कि हर वार्ड का विकास समान रूप से होगा, किसी क्षेत्र की उपेक्षा नहीं की जाएगी।

चुनौतियों के समाधान में भी मांगा सहयोग
नगर आयुक्त ने बैठक में गाजियाबाद नगर निगम के सामने मौजूद कई गंभीर चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए नई भूमि की आवश्यकता है, साथ ही कचरा पृथक्करण के लिए जनजागरूकता अभियान को भी और मजबूत करना होगा। उन्होंने पार्षदों से इन मुद्दों पर सहयोग करने की अपील की।

गाजियाबाद तेजी से विकसित हो रहा शहर है, और यहां के नागरिक बेहतर सुविधाओं के हकदार हैं। हमारी प्राथमिकता है कि सभी वार्डों में समयबद्ध तरीके से विकास कार्य पूरे हों और कोई भी क्षेत्र उपेक्षित न रहे। नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है, और इसके लिए हाउस टैक्स वसूली में पार्षदों और नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है। शहर से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, जल और प्रकाश व्यवस्था, सफाई व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए निगम पूरी तत्परता से कार्य करेगा। मैं सभी पार्षदों और नागरिकों से अपील करता हूं कि वे निगम की चुनौतियों को अपनी जिम्मेदारी मानकर इसमें भागीदार बनें, ताकि गाजियाबाद को स्वच्छ, सुगम और आधुनिक शहर बनाया जा सके।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद