पुलिस की जनचौपाल में हर रोज खुलते हैं शिकायतों के दरवाजे, डीसीपी धवल जायसवाल खुद सुनते हैं जनता की फरियाद

-पुलिस आयुक्त के सख्त निर्देश पर शुरू हुई निरंतर जनसुनवाई, थानों में अटकी समस्याओं के लिए मौके पर दिए जा रहे आदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दरवाजा सबके लिए खुला है, यह महज एक कहावत नहीं, बल्कि गाजियाबाद पुलिस का जमीनी हकीकत में बदला हुआ नया रूप है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल की कार्यशैली को देखा जाए तो उन्होंने अपने कार्यालय को एक ‘जनचौपाल’ का रूप दे दिया है, जहां हर दिन लोग बेधड़क आकर अपनी समस्या सुना रहे हैं और तत्काल कार्रवाई का भरोसा लेकर लौट रहे हैं। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली यह जनसुनवाई शाम तक जारी रहती है। कार्यालय के बाहर फरियादियों की कतारें लग जाती हैं, किसी के घर के पास अवैध कब्जा, किसी का थाने में अटका मुकदमा, तो किसी का चोरी का मामला जिसमें महीनों से सुनवाई नहीं हुई थी। धवल जायसवाल हर फरियादी की बात पूरी गंभीरता से सुनते हैं, दस्तावेज देखते हैं और फिर उसी समय संबंधित थाना प्रभारी, जांच अधिकारी या विभागीय अफसर को फोन कर निर्देश देते हैं कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी, तय समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

जनसुनवाई में आने वाले लोगों का कहना है कि अब उन्हें महीनों तक थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। विजय नगर के निवासी एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा था, जिसकी रिपोर्ट महीनों से लंबित थी, लेकिन डीसीपी से मिलने के अगले ही दिन पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसी तरह, लोनी क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि घरेलू हिंसा की शिकायत पर महीनों तक कार्रवाई नहीं हुई थी, मगर जनसुनवाई में आने के बाद मामला तुरंत दर्ज हो गया। डीसीपी धवल जायसवाल कहते हैं, जनता की समस्याओं का त्वरित, न्यायसंगत और पारदर्शी समाधान करना पुलिस का कर्तव्य है। हमारी कोशिश है कि थानों में लंबित मामलों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाया जाए। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ के इस अभियान ने गाजियाबाद पुलिस की छवि में एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है।

अब यह साफ है कि पुलिस सिर्फ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में ही नहीं, बल्कि आम नागरिक की सुनवाई में भी उतनी ही गंभीर है। जनता को भरोसा है कि जनसुनवाई की यह नई परंपरा न केवल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को खत्म करेगी, बल्कि गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था को भी और मजबूत बनाएगी। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक की समस्या को बिना देरी, गुणवत्तापूर्ण तरीके से और पूरी पारदर्शिता के साथ निपटाया जाए। जनसुनवाई सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता के साथ हमारा सीधा संवाद है। पुलिस और जनता के बीच भरोसे की डोर जितनी मज़बूत होगी, अपराध पर लगाम उतनी ही आसान होगी। हम हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लेते हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश देते हैं।