-जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई समीक्षा बैठक, अधिकारियों को कड़े निर्देश
-लंबित मामलों का निस्तारण तय समय पर, जिम्मेदारी तय होगी डिफाल्टर पर
-शिकायतकर्ता की उपस्थिति और स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनसमस्याओं के समाधान के लिए बनाए गए आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतें किसी भी स्थिति में डिफाल्टर श्रेणी में न जाएं। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहना होगा। सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (एलए) विवेक कुमार मिश्रा ने कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए।
एडीएम विवेक मिश्रा ने कहा कि प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों को समय से संबंधित विभाग को मार्क किया जाए। अगर कोई संदर्भ उस विभाग से संबंधित नहीं है तो तुरंत आईजीआरएस सेल को फोन या व्हाट्सऐप के माध्यम से सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिफाल्टर संदर्भ का निस्तारण 5 दिन पूर्व ही कर लिया जाए, ताकि गुणवत्ता की जांच कराई जा सके। एडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माह के अंतिम पांच दिन विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक लंबित शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। किसी भी दशा में कोई संदर्भ डिफाल्टर श्रेणी में न जाने पाए। अगर ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि असंतुष्ट फीडबैक या सी श्रेणी वाले संदर्भों में केवल रिपोर्ट अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में टीम मौके पर जाकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में समाधान सुनिश्चित करेगी और पोर्टल पर ‘कैप्शन’ में उसका उल्लेख भी करेगी। माह के अंतिम दिन कोई भी असंतुष्ट फीडबैक निस्तारित न रह जाए, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। एडीएम विवेक मिश्रा ने कहा कि शिकायतों की आख्या अपलोड करते समय श्रेणी का चयन, निर्धारित प्रारूप, शिकायतकर्ता व गवाह के हस्ताक्षर और मौके की तस्वीर अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाए। साथ ही शिकायत निस्तारण के दौरान स्थलीय निरीक्षण और शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत संपर्क हर हाल में किया जाए।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर निस्तारणकर्ता अधिकारी को भी अपनी स्पष्ट आख्या दर्ज करनी होगी। आख्या में कार्यालय का नाम, संदर्भ संख्या, शिकायत प्राप्त होने व निस्तारण की तारीख, शिकायतकर्ता का पूरा विवरण, गवाहों की जानकारी और मोबाइल नंबर आदि का उल्लेख अनिवार्य है। एडीएम विवेक मिश्रा ने बैठक में कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें शासन की प्राथमिकता हैं और इनका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अधिकारी की जिम्मेदारी है। लापरवाही या टालमटोल किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।
















