बिहार चुनाव से पहले गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग का महाऑपरेशन शुरु

  • सुबोध श्रीवास्तव की रणनीति ने माफियाओं की नींद उड़ाई

  • बॉर्डर पर चेकिंग से लेकर रात-दिन दबिश, हर मोर्चे पर अलर्ट

  • दिल्ली-हरियाणा से बिहार भेजने की सप्लाई लाइन तोड़ी गई

  • चुनावी मौसम में माफियाओं की हलचल तेज, आबकारी विभाग ने कस ली कमर

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। भले ही चुनाव में अभी कुछ समय बाकी हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने की कवायद तेज कर दी है। कहीं महंगे तोहफे बांटे जा रहे हैं तो कहीं शराब और कबाब का लालच देकर वोटरों को अपने पाले में करने का खेल खेला जा रहा है। ऐसे में शराब माफिया भी सक्रिय हो गए हैं और इस मौके को भुनाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की सख्त कार्यवाही ने माफियाओं के होश उड़ा रखे हैं। खासकर दिल्ली और हरियाणा की सीमा से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले को लेकर आबकारी विभाग बेहद चौकन्ना हो गया है, क्योंकि बिहार चुनाव के समय शराब की सबसे बड़ी सप्लाई चैन यहीं से गुजरने की कोशिश करती है। गौतमबुद्ध नगर के जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए अपनी टीम को अलर्ट मोड पर ला दिया है। वे अपनी कार्यशैली और सख्त अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। पहले भी उन्होंने कई बार शराब माफियाओं के नेटवर्क की कमर तोड़ी है।

यही वजह है कि आज जिले में शराब माफिया कदम रखने से पहले सौ बार सोचते हैं। सोमवार को कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, अखिलेश बिहारी वर्मा, अभिनव शाही, नामवर सिंह और संजय चन्द्र सहित पूरी प्रवर्तन टीम के साथ गहन मंथन किया। बैठक के दौरान डीईओ श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले की सीमा से गुजरने वाला कोई भी वाहन बिना चेकिंग आगे न बढ़ पाए। दिल्ली-हरियाणा से आने वाले वाहनों की विशेष रूप से गहनता से जांच की जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, हाइवे और टोल प्लाजा पर 24 घंटे टीम तैनात रहे। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के मद्देनजर शराब माफिया लगातार सक्रिय हैं और कभी भी बड़ी खेप भेजने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में टीम को हर पल सतर्क रहना होगा।

आबकारी अधिकारी का कहना है कि बिहार चुनाव तक जिले में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। टीम हर स्तर पर अलर्ट रहेगी और किसी भी कीमत पर माफियाओं को सप्लाई चैन बनाने नहीं दिया जाएगा। उनका कहना है कि हमारी प्राथमिकता है कि बिहार चुनाव के दौरान जिले की सीमा से अवैध शराब की एक भी खेप न गुजर पाए। इसके लिए हमारी पूरी टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। गौतमबुद्ध नगर का आबकारी विभाग आज शराब माफियाओं के खिलाफ जिस तरह से चौकन्ना और सक्रिय है, वह किसी अभियान से कम नहीं। डीईओ सुबोध कुमार श्रीवास्तव की मुस्तैदी, नेटवर्किंग और नेतृत्व क्षमता ने विभाग को नई धार दी है। बिहार चुनाव में शराब माफियाओं के इरादों पर पानी फेरने की तैयारी पहले ही कर ली गई है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में यह सख्ती शराब तस्करी के नेटवर्क को किस हद तक ध्वस्त करती है।

मुखबिर तंत्र हुआ सक्रिय, रात में अभियान तेज
आबकारी विभाग ने न सिर्फ चेकिंग बढ़ा दी है, बल्कि अपने मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। अब विभाग की नजर छोटे-बड़े हर स्तर के तस्करों पर है। रात्रि अभियान को तेज करते हुए गली-कूचों से लेकर हाईवे तक निगरानी रखी जा रही है। छोटी खेप पकडऩे से लेकर बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने तक विभाग हर तरह की रणनीति पर काम कर रहा है।

आबकारी अधिकारी की रणनीति – तोड़ चुके हैं कई नेटवर्क
डीईओ सुबोध श्रीवास्तव अपने दूरदर्शी नेतृत्व और सूझबूझ के लिए मशहूर हैं। उनकी रणनीति का ही नतीजा है कि पिछले कार्यकाल में उन्होंने शराब माफिया की कई बड़ी सप्लाई चेन तोड़कर करोड़ों की शराब जब्त की थी। उनकी मुस्तैदी से माफियाओं की नींद उड़ गई थी। आज भी वही कार्यशैली कायम है। कड़ा अनुशासन, निरंतर निगरानी और तेज रफ्तार कार्रवाई उनकी पहचान बन चुकी है।

टीमवर्क बना सबसे बड़ा हथियार
गौतमबुद्ध नगर आबकारी विभाग की सबसे बड़ी ताकत उसका टीमवर्क है। प्रत्येक निरीक्षक और सिपाही तक को यह संदेश दिया गया है कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। टीम के प्रत्येक सदस्य को जिम्मेदारी दी गई है और डीईओ खुद हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। टीम की एकजुटता का ही नतीजा है कि पिछले कुछ महीनों में शराब तस्करों के कई नेटवर्क धराशायी किए जा चुके हैं और अवैध शराब की बड़ी खेप जब्त हुई है।

शराब माफियाओं पर आर्थिक चोट, करोड़ों का नुकसान
प्रदेश में आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। हर दिन लाखों-करोड़ों रुपये की अवैध शराब पकड़ी जा रही है। यह नुकसान माफियाओं के लिए सीधा आर्थिक झटका है। यही वजह है कि माफिया अब नए-नए हथकंडे आजमाने की कोशिश कर रहे हैं – कभी कैंटर, कभी ट्रक, तो कभी कोरियर के जरिए शराब की तस्करी की जा रही है। लेकिन आबकारी टीम के सतर्क रवैये के चलते उनके मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं।

जनता का विश्वास बढ़ा, विभाग की साख मजबूत
आबकारी विभाग की इन कार्रवाइयों से न सिर्फ जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ा है। लोग अब यह मानने लगे हैं कि जिले की सीमा पर तैनात आबकारी विभाग किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने में सक्षम है। डीईओ श्रीवास्तव की कार्यशैली ने विभाग की साख को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव,
जिला आबकारी अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर

बिहार चुनाव को देखते हुए शराब माफिया पूरी तरह सक्रिय हो सकते हैं। हमारी प्राथमिकता है कि जिले की सीमाओं से कोई भी वाहन बिना चेकिंग के आगे न बढ़े। दिल्ली और हरियाणा से आने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की जाए, टोल प्लाजा और हाईवे पर चौबीसों घंटे सघन चेकिंग अभियान जारी रखा जाए। हर प्रवर्तन टीम अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखे और छोटे से छोटे तस्कर तक पर पैनी निगाह रखी जाए। रात्रि अभियान को और तेज किया जाए, ताकि माफिया किसी भी तरह से अपने मंसूबों में सफल न हो सकें। जिले में शराब तस्करी रोकने के लिए हर कीमत पर कड़ा कदम उठाया जाएगा। हमारी टीम अलर्ट है और नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। किसी भी कीमत पर कानून तोडऩे वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर।