महापौर सुनीता दयाल ने दी शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री योगी का लाइव संबोधन भी देखा गया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बाद चयनित हुई मुख्य सेविकाओं के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर सुनीता दयाल ने जनपद की 15 नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने महापौर का स्वागत करते हुए उन्हें तुलसी का पौधा भेंट किया। इसी दौरान सभागार में लखनऊ के लोक भवन से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें उन्होंने पारदर्शिता और ईमानदारी से चयनित सेविकाओं को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की प्रेरणा दी।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि ऐसे आयोजन आमजन से सीधे जुडऩे का माध्यम हैं। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक का विकास और समृद्धि सुनिश्चित हो। उन्होंने सेविकाओं से अपेक्षा जताई कि जैसे उनका चयन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से हुआ है, उसी तरह वे भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से करें। कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल और जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय ने जनपद से चयनित 15 मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें शामिल हैं – पिंकी रानी, अनुराधा पाल, प्रीति तिवारी, अनु त्यागी, दिव्या, हेम बिंदु भाटिया, सुषमा चौधरी, वर्षा तेवतिया, सोनिया, नीतू रानी, गुलेशमा सैफी, सुधा रानी, नीलम रानी और शिवांगी।
जनपद गाजियाबाद में रॉकेट लर्निंग संस्था द्वारा आयोजित आंगनबाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण पूरा होने पर ईसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। महापौर ने कार्यक्रम के दौरान सैम से सामान्य श्रेणी में आने वाले बच्चों को पोषण थाली प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव उनके शुरुआती पोषण और शिक्षा पर ही टिकी है। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सेविकाओं के परिजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे सभागार का माहौल उत्साह और गर्व से भर गया।















