शिकायत निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आख्या व फोटोग्राफ उपलब्ध कराना अनिवार्य: रविन्द्र कुमार मांदड़
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार बुधवार को किसानों की आवाज़ से गूंज उठा। मौके पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें 150 से अधिक किसान अपनी समस्याओं और मांगों के साथ उपस्थित रहे। किसानों ने सिंचाई, बिजली, सड़क और मंडियों से जुड़ी परेशानियों को खुलकर रखा। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों की हर शिकायत का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निस्तारण के बाद उसकी आख्या और फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से उप कृषि निदेशक कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने गत किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की और यह पाया कि कुछ शिकायतों का अब तक निस्तारण नहीं हो पाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई कर उन शिकायतों का निस्तारण कराने के आदेश दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि किसान दिवस में किसी भी विभाग का अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित नहीं रहेगा और यदि ऐसा पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि किसान दिवस महज़ औपचारिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान का सशक्त माध्यम है और सभी विभागों को इसे गंभीरता से लेना होगा। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह ने रईसपुर-सदरपुर मार्ग की बदहाल स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी द्वारा इस सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब गहरे गड्ढों और बारिश के पानी से सड़क पर आवागमन मुश्किल हो गया है। सड़क की दुर्दशा से किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क की मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। बैठक में भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, सतेंद्र तोमर समेत कई किसानों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक किसान की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के लिए निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी शिकायतें किसान दिवस पर ही सुलझाई जाएं।
किसान दिवस की इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम एलए विवेक कुमार मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, उप कृषि निदेशक राम जतन मिश्रा, अंडर ट्रेनी आईएएस अयान जैन सहित कृषि, सिंचाई, गन्ना, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जीडीए, जल निगम और मंडी समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने इन सभी विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं को हल करना ही उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसान दिवस का यह आयोजन न केवल किसानों की समस्याओं के समाधान का मंच साबित हुआ बल्कि इसने एक बार फिर यह संदेश भी दिया कि प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है। डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि किसानों के बिना देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था अधूरी है, इसलिए उनकी हर समस्या का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
















