एसीपी उपासना पाण्डेय बनीं पुलिस-जन सेतु:अपराध नियंत्रण और सौहार्द पर सधा फोकस

-संभ्रांत नागरिकों संग संवाद में एसीपी ने पेश की अपनी कार्यशैली,
-पुलिस और जनता का तालमेल ही अपराधमुक्त समाज की सबसे बड़ी ताकत: उपासना पाण्डेय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ की मुहिम “दा बैस्ट कॉर्डिनेशन एंड कोरिलेशन” को नई ऊर्जा देने की दिशा में गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस लगातार नवाचार कर रही है। इसी क्रम में नंदग्राम एसीपी उपासना पाण्डेय ने मंगलवार को राजनगर एक्सटेंशन स्थित वेदान्तम होटल में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस संवाद में करीब सवा सौ गणमान्य नागरिकों जिनमें पार्षद, समाजसेवी, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, उद्योगपति, व्यापारी, मीडिया इंफ्लूएंसर और सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल रहे-ने सक्रिय भागीदारी की।
एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली का केंद्र बिंदु है जनकेंद्रित पुलिसिंग। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उनके सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस और नागरिकों का आपसी तालमेल ही शहर को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाने में सबसे बड़ी ताकत है।

हमारा उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि भरोसा और सहभागिता के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाना है। एसीपी पाण्डेय ने उपस्थित नागरिकों को पुलिस आयुक्त द्वारा शुरू की गई कई नवीन पहलों—जैसे बीट प्रणाली, वादी संवाद और जनकेंद्रित पुलिसिंग-की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये पहलें नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने, शिकायतों के त्वरित समाधान और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। संवाद के दौरान एसीपी ने नागरिकों से बीपीओ और बीएसआई की कार्यशैली को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों के अनुभव और सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और पुलिसिंग के हर स्तर पर उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

एसीपी उपासना पाण्डेय ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम न केवल पुलिस और जनता के बीच संबंधों को मजबूत करते हैं, बल्कि आपसी विश्वास और सहभागिता को भी नई ऊंचाई प्रदान करते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस हमेशा नागरिकों की सेवा और सहयोग के लिए तत्पर है। संभ्रांत नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि पुलिस के साथ सीधे संवाद का अवसर समाज और पुलिस के बीच समन्वय को गहरा करने के साथ-साथ अपराध रोकथाम और समस्याओं के समाधान में ठोस योगदान देगा।