• छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को भाव-विभोर किया
• प्रधानाचार्या पूनम गौतम और उपप्रधानाचार्या तनुजा ने दुर्गा पूजा महोत्सव में बच्चों को सिखाई जीवन की महत्वपूर्ण सीख
• प्रधानाचार्या पूनम गौतम और उपप्रधानाचार्या तनुजा ने दुर्गा पूजा महोत्सव में बच्चों को सिखाई जीवन की महत्वपूर्ण सीख
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रताप विहार पी- ब्लॉक के गौतम पब्लिक सी. सै. स्कूल में सोमवार को नवरात्र और दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रांगण रंग-बिरंगे सजावटों, दीपों और पारंपरिक झांकियों से सुसज्जित था, जिसने मौके की पावनता और भव्यता को चार-चाँद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत माँ दुर्गा की वंदना से हुई। इसके बाद छात्राओं ने माँ दुर्गा के नौ रूपों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया, जिसमें शक्ति, साहस और मातृभक्ति का अद्भुत दर्शन हुआ। विद्यार्थियों ने अपने नृत्य, अभिनय और भाव-भंगिमा के माध्यम से माता रानी की महिमा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। छात्रों ने रक्तबीज वध और महिषासुर मर्दिनी की अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसमें शक्ति और वीरता का अद्वितीय प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान दर्शक बार-बार तालियों और उत्साहवर्धक आवाज़ों से कार्यक्रम की सराहना करते रहे।
गाजियाबाद। प्रताप विहार पी- ब्लॉक के गौतम पब्लिक सी. सै. स्कूल में सोमवार को नवरात्र और दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रांगण रंग-बिरंगे सजावटों, दीपों और पारंपरिक झांकियों से सुसज्जित था, जिसने मौके की पावनता और भव्यता को चार-चाँद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत माँ दुर्गा की वंदना से हुई। इसके बाद छात्राओं ने माँ दुर्गा के नौ रूपों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया, जिसमें शक्ति, साहस और मातृभक्ति का अद्भुत दर्शन हुआ। विद्यार्थियों ने अपने नृत्य, अभिनय और भाव-भंगिमा के माध्यम से माता रानी की महिमा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। छात्रों ने रक्तबीज वध और महिषासुर मर्दिनी की अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसमें शक्ति और वीरता का अद्वितीय प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान दर्शक बार-बार तालियों और उत्साहवर्धक आवाज़ों से कार्यक्रम की सराहना करते रहे।
कार्यक्रम का एक और मुख्य आकर्षण रामलीला का मंचन रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे परिधानों में भगवान श्रीराम और रावण का रूप धारण कर जीवन में धर्म और अधर्म के संघर्ष को जीवंत किया। रावण वध का दृश्य सभी के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने सभी को दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दशहरा हमें यह सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंतत: सत्य और धर्म की ही विजय होती है। रावण का अंत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। भगवान श्रीराम का जीवन धैर्य, करूणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर विद्यार्थी अपने जीवन में अपनाए।
इस अवसर पर उपप्रधानाचार्या तनुजा ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल का यह आयोजन केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोडऩे का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल विद्या प्राप्ति में नहीं, बल्कि सच्चाई, आत्मविश्वास, सदाचार और अपने लक्ष्य पर अडिग रहने में निहित है। तनुजा ने कहा कि माँ दुर्गा के आठ हाथ और प्रत्येक हाथ में अस्त्र-शस्त्र यह संदेश देते हैं कि कठिन परिस्थितियों और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के भीतर शक्ति और आत्मबल होना आवश्यक है।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर की शक्तियों को पहचानें, बुरी आदतों को त्यागें और सद्गुणों को अपनाएँ। एकेडमिक हेड चेतन शर्मा और पूरे शिक्षक-शिक्षिकाओं के समन्वय में यह महोत्सव अत्यंत व्यवस्थित और आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन में बच्चों की भागीदारी, उनके आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुतियों ने स्कूल की कार्यशैली और शैक्षिक दृष्टिकोण की विशेष पहचान कराई। विद्यालय ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे संस्कृति, नैतिक शिक्षा और जीवन कौशल के साथ जोडऩा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस भव्य महोत्सव ने सभी उपस्थित छात्रों और दर्शकों को यह सिखाया कि जीवन में आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, धर्मपरायणता और सदाचार के मार्ग पर चलना ही सच्ची सफलता की कुंजी है।


















