गाजियाबाद में अग्नि सुरक्षा का संदेश: दीपावली पर सुरक्षित उत्सव के लिए राहुल पाल की सक्रियता

  • मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में शहर में आगजनी रोकने की सतत मुहिम
  • दीपावली पर सुरक्षित दीप और पटाखों के प्रयोग के लिए शहरवासियों को दिए विशेष निर्देश
  • आग लगने पर त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव के उपायों की जानकारी
  • शहरवासियों और व्यापारियों के लिए जागरूकता अभियान का विस्तार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपावली के पर्व के अवसर पर शहर में अग्नि सुरक्षा और सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष मुहिम चल रही है। इस मुहिम की कमान मुख्य अग्रिशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल संभाले हुए हैं, जिनकी सक्रियता और कर्तव्यनिष्ठा इस वर्ष विशेष रूप से देखने को मिली है। सीएफओ ने बताया कि दीपावली के समय आगजनी की घटनाओं को रोकना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि यह हर नागरिक का भी कर्तव्य है। उनका कहना है कि इस पर्व की हर्षोल्लास के बीच अगर सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़े हादसे हो सकते हैं, इसलिए जागरूकता और सावधानी आवश्यक है। राहुल पाल ने बताया कि उनकी कार्यशैली धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर दीपों, मोमबत्तियों, बिजली की झालरों और पटाखों के सुरक्षित उपयोग के लिए दुकानदारों और आम जनता को निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक घर में आग लगने पर तुरंत प्रतिक्रिया और बचाव के साधन मौजूद होने चाहिए, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोका जा सके।

दीपावली पर सुरक्षित उत्सव के उपाय
राहुल पाल ने दीपावली पर सुरक्षित उत्सव के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश साझा किए। उन्होंने कहा कि दीयों और मोमबत्तियों को हमेशा ज्वलनशील सामग्री जैसे परदे, कपड़े और बिस्तर से दूर सुरक्षित स्थान पर ही सजाया जाए। बिजली की झालर और अन्य उपकरणों का प्रयोग करते समय बिजली बोर्ड पर अत्यधिक भार न डालें और खुले तारों पर इलेक्ट्रिक टेप लगाएं। घर में लगे एमसीबी और आरसीसीबी को जांच करवाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार से लाए गए पटाखों को केवल वयस्कों के नियंत्रण में सुरक्षित स्थान पर ही रखा जाए और बच्चों को खुले स्थान पर वयस्क की उपस्थिति में ही पटाखे चलाने दें। जले हुए पटाखों को इधर-उधर न फेंकें, बल्कि पानी की बाल्टी या सुरक्षित स्थान पर रखें। पटाखों के समय मोटे सूती या चुस्त कपड़े पहनने चाहिए, जबकि ढीले सिल्क आदि के कपड़े पहनने पर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। सीएफओ ने कहा कि तेज आवाज वाले पटाखे अस्पताल, वृद्धाश्रम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास न छोड़े जाएं। जानवरों और वाहनों के आसपास भी पटाखे चलाने से बचें। उन्होंने आग लगने की स्थिति में तुरंत पानी, बालू और फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग करने की सलाह दी।

आग लगने पर त्वरित प्रतिक्रिया
राहुल पाल ने बताया कि आग लगने पर सबसे पहले घर में मौजूद लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आग में फंसे व्यक्ति, पशु और बच्चों को तुरंत बाहर निकाला जाए। कपड़ों में आग लगने पर दौडऩे के बजाय जमीन पर लेटकर लुढ़कें और पानी का प्रयोग करें। मोटे कपड़े या कंबल से भी आग बुझाई जा सकती है। जलने की स्थिति में तुरंत चिकित्सालय पहुँचना अनिवार्य है। किसी भी आग की सूचना फायर पुलिस कन्ट्रोल रूम (101/112) या नजदीकी फायर स्टेशन/पुलिस स्टेशन को दें। राहुल पाल ने कहा कि दीपावली पर्व का असली अर्थ है सुरक्षा और जागरूकता। आओ मिलकर सुरक्षा के दीप जलायें उनका यह संदेश आम नागरिकों के बीच गंभीरता से फैलाया जा रहा है। उन्होंने व्यापारियों को भी निर्देश दिए कि वे पटाखों और अन्य ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित भंडारण पर ध्यान दें और दुकानों में आग लगने की स्थिति के लिए आवश्यक उपाय करें।

संपर्क सूत्र और आपातकालीन सेवाएं
सीएफओ ने आग लगने की स्थिति में तत्काल संपर्क के लिए नंबर साझा किए। गाजियाबाद के कोतवाली, वैशाली, साहिबाबाद, मोदीनगर और लोनी क्षेत्रों में संबंधित फायर स्टेशन और पुलिस नंबर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इस अभियान के तहत प्रशासन ने शहर में सुरक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता दी है। राहुल पाल ने कहा कि इस वर्ष दीपावली पर सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे अपने स्तर पर सभी सुरक्षा उपाय अपनाएं, ताकि इस पर्व का जश्न सुरक्षित और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। शहर में सीएफओ राहुल पाल की सक्रियता और प्रशासनिक सतर्कता से यह दीपावली पर्व न केवल रोशनी का प्रतीक बनेगा, बल्कि सुरक्षा और जागरूकता का भी उदाहरण पेश करेगा। दीपावली के इस पावन अवसर पर नागरिकों को सुरक्षित, खुशहाल और जिम्मेदार उत्सव मनाने का संदेश दिया गया है।

राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी

दीपावली के दौरान अग्नि सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर में आगजनी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक योजना बनाई है। हमारे प्रयासों का उद्देश्य केवल हादसों को रोकना ही नहीं है, बल्कि आम नागरिकों और व्यापारियों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित उत्सव मनाने के लिए तैयार करना भी है। दीपों, मोमबत्तियों और पटाखों का सुरक्षित प्रयोग करना बेहद जरूरी है। अगर सावधानी बरती जाए तो यह पर्व खुशियों और उल्लास का प्रतीक बन सकता है। हम चाहते हैं कि हर घर में आग लगने की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक साधन मौजूद हों। आगजनी की सूचना मिलने पर तुरंत फायर स्टेशन या पुलिस को सूचित करें और बच्चों व जानवरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। “आओ मिलकर सुरक्षा के दीप जलायें” उनका यह संदेश सभी शहरवासियों तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन और फायर विभाग की टीम लगातार चौकस रहेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल पाल
मुख्य अग्रिश्मन अधिकारी