गाजियाबाद में 9 नवंबर को होगा 27वां अखिल भारतीय ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन

  • देशभर से जुटेंगे सैकड़ों युवक-युवतियां, सामाजिक समरसता और वैवाहिक मेल-मिलाप को समर्पित होगा आयोजन
  • परिचय पुस्तिका और पंजीकरण: 500 से अधिक प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था
  • सम्मेलन का उद्देश्य: युवाओं को संस्कार, परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना
  • आयोजन और सुविधा प्रबंधन: प्रतिभागियों और अभिभावकों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था
  • समाज में सकारात्मक प्रभाव: नेतृत्व की सक्रियता से ब्राह्मण समाज में एकता और पारिवारिक मूल्यों का सशक्त संदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आगामी 9 नवंबर को शहर में 27वां ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। महासभा के जिलाध्यक्ष पं. जयनंद शर्मा और महानगर अध्यक्ष पं. सुभाष शर्मा की सक्रिय नेतृत्व क्षमता और लगातार प्रयासों के कारण देशभर से अब तक 400 से अधिक युवक-युवतियों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। दोनों नेताओं की कार्यशैली इस प्रकार रही कि वे प्रत्येक दिन पंजीकरण और तैयारी की गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं और प्रतिभागियों के सभी सवालों एवं समस्याओं का व्यक्तिगत रूप से समाधान कर रहे हैं।
महासभा के मुख्य संरक्षक पं. जे.के. गौड़ ने सम्मेलन में आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण को सुनिश्चित करने के लिए हर पहलू की समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के वैदिक मंत्रोच्चारण, सांस्कृतिक आयोजनों और प्रतिभागियों की सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना है कि यह सम्मेलन केवल विवाह का माध्यम नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज में सामाजिक एकता, पारस्परिक सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रतीक है।

पं. गौड़ ने आयोजन समिति को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएँ व्यवस्थित और गरिमापूर्ण हों ताकि प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाध्यक्ष पं. जयनंद शर्मा और महानगर अध्यक्ष पं. सुभाष शर्मा के निर्देशन में पंजीकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। अब तक लगभग 245 युवक और 165 युवतियों ने पंजीकरण कराया है। सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को परिचय पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें उनके विवरण अंकित होंगे। दोनों नेताओं की सक्रिय निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अंतिम तिथि 2 नवंबर तक पंजीकरण की संख्या 500 से अधिक तक पहुँच जाए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण युवाओं को उनके संस्कार, परंपरा और सामाजिक दायित्वों से जोड़ना है। इसमें सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक समरसता और वैवाहिक संबंधों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सम्मेलन में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक भाषण और आध्यात्मिक अनुष्ठान होंगे, जिनसे प्रतिभागियों में समाज निर्माण की भावना जागृत होगी।

व्यवस्था और प्रतिभागियों की सुविधा: आयोजन समिति की तत्परता और प्रभावशीलता
आयोजन समिति के अध्यक्ष पं. आदेश शर्मा ने बताया कि सम्मेलन स्थल पर प्रतिभागियों के लिए आवास और भोजन की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। समिति के सदस्य पूरे देश में युवाओं से संपर्क कर उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पं. जयनंद शर्मा, पं. सुभाष शर्मा और पं. जे.के. गौड़ की सक्रिय निगरानी और तत्परता से यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाएँ सुचारू और व्यवस्थित रहें।

ब्राह्मण युवाओं और परिवारों को नई दिशा
इस आयोजन के माध्यम से ब्राह्मण समाज में युवाओं के बीच संपर्क, पारिवारिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलेगा। जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और मुख्य संरक्षक की सक्रिय भूमिका ने साबित किया है कि नेतृत्व, समर्पण और प्रेरणा के माध्यम से समाज में बदलाव लाया जा सकता है।