गाजियाबाद नगर निगम की ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 में ग्लोबल पहचान

-गोबर से प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट: शहर की नवाचार और पर्यावरणीय पहल का प्रतीक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम अब विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम ने ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता दुनिया भर के शहरों को नवीनतम, पर्यावरण हितैषी और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर पहचान देती है। चयनित शहरों को 1 मिलियन डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। गाजियाबाद नगर निगम का ‘गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण’ प्रोजेक्ट अब शहर की वैश्विक पहचान बनता जा रहा है। इसी नवाचार के आधार पर गाजियाबाद पहले ही विश्व के टॉप 50 ग्लोबल सिटी की सूची में शामिल हो चुका है। भारत से केवल गाजियाबाद और विशाखापट्टनम का चयन हुआ है। नगर निगम ने ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपी न्यूयॉर्क के पोर्टल पर फाइनल राउंड के लिए एप्लीकेशन सबमिट कर दी है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत प्रारंभिक 50 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई थी, जिससे गोबर से पेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब अगले चरण में इस प्रोजेक्ट को विश्व की शीर्ष 25 शहरों की सूची में शामिल कराने के लिए विस्तृत रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम ने सकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत के साथ इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा है। ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज में भाग लेकर गाजियाबाद ने यह सिद्ध किया है कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण पेश किए जा सकते हैं। नगर निगम की इस योजना ने यह भी दर्शाया कि प्रशासन, नागरिक और स्वयं सहायता समूह एकजुट होकर शहर को स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। गोबर से बने प्राकृतिक पेंट के उपयोग से न केवल रासायनिक पेंट का पर्यावरणीय विकल्प तैयार हुआ है, बल्कि जैविक कचरे के उपयोग से पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिला है।

शहरी और पर्यावरणीय सुधार में बड़ी पहल
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक बन रही है। नगर निगम ने अपने प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में शहर के 50 सरकारी स्कूलों में प्राकृतिक पेंट का उपयोग शुरू कर दिया है। इन स्कूलों की दीवारों को अब पर्यावरण हितैषी पेंट से रंगा जा रहा है। इसके लाभ में न केवल वातावरणीय प्रदूषण में कमी शामिल है, बल्कि बच्चों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। इस प्रोजेक्ट में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी शामिल किया गया है। महिलाएं गोबर से बने प्राकृतिक पेंट की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। दीपावली मेला और स्वदेशी मेला जैसे आयोजनों में इन महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट के स्टॉल लगाए, जहां नागरिकों को इस स्वदेशी उत्पाद के लाभों के बारे में जानकारी दी गई और उपयोग को बढ़ावा दिया गया।

फाइनल एप्लीकेशन में तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय जानकारी शामिल
महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम ने फाइनल राउंड के लिए अपनी एप्लीकेशन सबमिट की। इसमें प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट से जुड़ी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय जानकारी पूरी तरह सम्मिलित की गई है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना न केवल पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि शहर की स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।

गाजियाबाद का लक्ष्य: विश्व के टॉप 25 शहरों में चयन
यदि गाजियाबाद विश्व के टॉप 25 शहरों की सूची में चयनित होता है, तो नगर निगम को 1 मिलियन डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपये) प्राप्त होंगे। इस राशि का उपयोग प्रोजेक्ट के विस्तार और नई पर्यावरणीय पहलों में किया जाएगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा,  ‘हमारा उद्देश्य गाजियाबाद को केवल एक स्मार्ट सिटी नहीं, बल्कि एक ‘सस्टेनेबल और इनोवेटिव सिटी’ के रूप में विकसित करना है। गोबर से पेंट निर्माण की यह पहल उसी दिशा में ठोस कदम है। ‘

विश्व स्तरीय पहचान की राह में गाजियाबाद
ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपी द्वारा चयनित 25 शहरों की घोषणा वर्ष 2026 में की जाएगी। नगर निगम का विश्वास है कि अपनी मेहनत, नवाचार और जनसहभागिता के बल पर गाजियाबाद विश्व के शीर्ष 25 शहरों की सूची में अपना स्थान सुनिश्चित करेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल गाजियाबाद की वैश्विक पहचान बढ़ा रहा है, बल्कि शहर में सस्टेनेबल विकास, पर्यावरणीय जागरूकता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए भी मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

सुनीता दयाल
महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।

गाजियाबाद को सिर्फ स्मार्ट सिटी नहीं, बल्कि स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर शहर बनाना हमारा लक्ष्य है। गोबर से प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सुनीता दयाल
महापौर

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज में भाग लेकर गाजियाबाद ने यह दिखा दिया है कि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग कर हम वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर सकते हैं। हमारा प्रयास है कि यह परियोजना विश्व के टॉप 25 शहरों में शामिल हो।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त