शहर की विकास योजनाओं का नया अध्याय: जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने की संयुक्त बैठक

– प्रमुख आवासीय और कॉरिडोर परियोजनाएं जल्द नगर निगम के नियंत्रण में आएंगी
– इंदिरापुरम में सीवर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बनाई गई विशेष कार्ययोजना
– राजनगर डिस्ट्रिक सेंटर में जाम समस्या को खत्म करने के लिए रणनीति तय
– 10 दिन के भीतर निरीक्षण और रिपोर्ट प्रस्तुत, नागरिकों को मिलेगा तत्काल लाभ

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम ने शहर की विकास योजनाओं को तेज गति देने के लिए मिलकर बड़े कदम उठाए हैं। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का हस्तांतरण नगर निगम को करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से गोविंदपुरम के पास कर्पूरीपुरम योजना, स्वर्णजयंतीपुरम, प्रताप विहार में भाऊराव देवरस योजना और राजनगर एक्सटेंशन की मेन रोड जैसे प्रमुख सेंट्रल वर्ज की योजनाओं को जल्द नगर निगम को हैंडओवर करने के विषय पर निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने इन परियोजनाओं का मौजूदा स्थिति का आकंलन किया और आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में इंदिरापुरम क्षेत्र में सीवर लाइन की समस्या के समाधान पर भी जोर दिया गया। नगर निगम की ओर से जीडीए से नेटवर्क मॉडल की मांग की गई, जिसे जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों के माध्यम से तत्काल साझा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए इंदिरापुरम में 8,000 वर्गमीटर भूमि को एक सप्ताह के भीतर नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया।

नगर आयुक्त ने ड्रोन सर्वे और टैक्स से संबंधित डाटा उपलब्ध कराने के लिए भी जीडीए अधिकारियों को निर्देशित किया। नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों ने राजनगर डिस्ट्रिक सेंटर (आरडीसी) में जाम की समस्या के समाधान के लिए विशेष रणनीति बनाई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि शहरवासियों को यातायात में होने वाली परेशानी का शीघ्र समाधान मिले और लोगों की आवाज़ को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में तय किया गया कि सभी योजनाओं का निरीक्षण दोनों विभागों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा और 10 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि रिपोर्ट में हर महत्वपूर्ण पहलू, मौजूदा स्थिति, संभावित सुधार और अनुमानित लागत शामिल हो। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बैठक में जोर दिया कि सभी निर्णय नागरिकों के हित में और पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे।

दोनों विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय और तालमेल के साथ काम करेंगे ताकि शहर की विकास योजनाएं तेजी से लागू हो सकें। अधिकारियों ने कहा कि इन परियोजनाओं के जल्द नगर निगम को हस्तांतरण से शहरवासियों को कई प्रकार के लाभ होंगे। सड़क, सीवर, जल निकासी और अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधाएं बेहतर होंगी। इसके अलावा राजनगर डिस्ट्रिक सेंटर और अन्य प्रमुख मार्गों में यातायात की सुगमता बढ़ेगी, जिससे लोगों की दैनिक जीवन में राहत मिलेगी। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉक्टर अनुज कुमार सिंह, जलकल विभाग के महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्ता युक्त तरीके से हो।