नए कृषि कानूनों के खिलाफ 17वें दिन डटे रहे किसान, दुहाई टोल प्लाजा किया फ्री

यूपी गेट पर किसानों ने मार्च निकालकर फिर से दिया एकजुटता का संदेश

गाजियाबाद। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के 17वें दिन शनिवार को भी यूपी गेट पर प्रदर्शन जारी रहा। सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लडऩे का ऐलान कर चुके किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। यूपी गेट पर के पास एनएच-9 पर किसानों का धरना जारी है। यहां डटे किसानों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। 12 तारीख अहम थी, क्योंकि किसानों ने इसी दिन हाईवे जाम करने की घोषणा की थी। जिसका थोड़ा बहुत असर देखने को मिला। शनिवार सुबह यूपी गेट पर किसानों ने मार्च निकालकर फिर से एकजुटता का संदेश दिया। बारिश के बाद ठंड में इजाफे के बावजूद किसान यूपी गेट पर डटे हैं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सभा को संबोधित करते हुए घेरा डालो डेरा डालो का नारा दिया। उन्होंने कहा कि 32 साल पहले भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने वोट क्लब पर डेरा डाला था। जिसके बाद अब इतनी बड़ी संख्या में देश का किसान अपने हक के लिये दिल्ली रहा था। हमें दिल्ली जाने से रोका है। यही सरकार के गले की फांस बन गई है। राकेश टिकैत ने कहा कि अब तो घर वाले भी कहने लगे हैं कि खाली हाथ वापस मत आना। अब सोमवार को किसान जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर राष्टï्र विरोधी तत्व आंदोलन में शामिल हो गए हैं तो सरकार को उन्हें पकड़ कर सलाखों के पीछे डालना चाहिए। उन्होने कहा कि हमें ऐसा कोई व्यक्ति यहां नहीं मिला, अगर हम ऐसा कोई मिला तो हम उन्हें वापस भेज देंगे। टिकैत ने कहा कि किसानों के आंदोलन में राष्टï्र विरोधी तत्वों को शामिल होने नहीं दिया जाएगा। अगर कुछ तत्व आ गए है तो उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांग मनवाए बिना नहीं लौटेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक किसान टोल प्लाजा फ्री कराने के लिए दुहाई पहुंचे। जहां उन्होंने ईस्टर्न पेरिफेरल के टोल प्लाजा पर टोल वसूली को 2 घंटे तक बाधित रखा। हालांकि डासना टोल पर किसान नहीं देखने को मिले। इस बीच आंदोलन के दौरान एनएच-9 पर किसानों के धरने के दौरान एक एंबुलेंस आ गई, जिसे किसानों ने रास्ता दिया। सुबह हुई हल्की बुंदाबांदी के बीच भी किसान एनएच-9 पर डटे रहे। वहीं यूपी गेट पर फ्लाईओवर के नीचे धरनारत किसानों की संख्या कम होती जा रही है। कृषि कानून रद्द करवाने की मांग पर अड़े किसानों ने आज आंदोलन तेज कर दिया। ऐलान के मुताबिक किसानों ने ज्यादातर टोल प्लाजा फ्री कर दिए। दिल्ली को जोडऩे वाली सभी सड़कों पर टोल को फ्री कर दिया गया। किसान दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे को भी जाम कर दिया। एनसीआर के दूसरे टोल को भी फ्री कर दिया। इस दौरान आंदोलन में कई अनोखे रंग भी देखने को मिल रहे हैं। कोई हाईवे पर बैडमिंटन खेल रहा है तो सडक़ पर ही लंगर का दौर 2 हफ्ते से चालू है। इसके अलावा कुछ ऐसे बैनर में हाथ में लिए दिखे जिसपर किसानों को आंतकवादियों से जोड़े जाने पर नाराजगी जताई गई थी। शनिवार को किसानों के बीच समाजसेवी मेधा पाटकर भी पहुंची। उन्होंने कहा कि किसान की वाजिब मागों को सरकार को मानना चाहिए। इसके अलावा वकीलों के राष्ट्रीय संगठन ने भी किसानों को समर्थन दिया।