6 राशियों पर मंडराए संकट के बादल
नई दिल्ली। साल-2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण नजदीक आ गया है। सूर्य ग्रहण सोमवार को लगेगा। ऐसे में 6 राशि के जातकों को ज्यादा संभल कर रहने की जरूरत है। इन राशियों पर गुरु चंडाल योग का सर्वाधिक बुरा असर पडऩे की संभावना जाहिर की गई है। साल-2021 में भी 2 सूर्य ग्रहण लगेंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसम्बर को शाम 7 बजकर 03 से शुरू होगा। रात 12 बजकर 23 मिनट तक ग्रहण रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे की है। सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि और मिथुन लग्न में लगेगा। भारत में ग्रहण के दृश्य न होने के कारण इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण दक्षिणी अफ्रीका, अधिकांश दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक, हिंद महासागर और अंटार्कटिका में पूर्ण रूप से देखने को मिलेगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल में शुभ कार्य करने की मनाही होती है। इस बीच पूजा-पाठ भी वर्जित रहती है। मंदिरों के कपाट भी बंद रहते हैं। गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में छोंक, तड़का, धारदार और नुकीली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। सूर्य ग्रहण के दरम्यान वृश्चिक राशि में 5 ग्रह मौजूद रहेंगे। इसे पंचग्रही योग कहा जा रहा है। ज्योतिष गणना के मुताबिक सोमवती अमावस्या पर वृश्चिक राशि में सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और केतु विराजमान रहेंगे। सूर्य ग्रहण में वृद्धों, गर्भवती महिलाओं और बीमार नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। घर से बाहर आकर नग्न आंखों से सूर्य नहीं देखना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस सूर्य ग्रहण पर बेहद अशुभ गुरु चंडाल योग बन रहा है। राहु और गुरु के एक ही स्थान में मौजूद रहने से गुरु चंडाल योग बनता है। मेष, कर्क, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि पर गुरु चंडाल योग का सर्वाधिक बुरा प्रभाव पडऩे की संभावना है।
















