-कपिल सिंह ने बीएलओ और शिक्षामित्रों के कार्य का विस्तारपूर्वक अवलोकन कर किया उत्साहवर्धन
उदय भूमि संवाददाता
कानपुर। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदान प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मंगलवार को विधानसभा 206-अकबरपुर रनियॉ के विभिन्न बूथों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बूथ नं0-154 प्राथमिक विद्यालय मिल्किनपुरवा मजरा धरऊ, बूथ नं0-152 एवं 153 प्राथमिक विद्यालय आलमचंदपुर, बूथ नंबर-157 एवं 158 प्राथमिक विद्यालय मुरीदपुर और बूथ नं0-160, 161 एवं 162 प्राथमिक विद्यालय पातेपुर का दौरा किया। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने प्रत्येक बूथ पर बीएलओ, प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्रों के कार्यों का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। उन्होंने बीएलओ ऐप के संचालन, घर-घर मतदाता तक गणना प्रपत्रों के वितरण, एकत्रीकरण, सत्यापन और डिजिटाइजेशन की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बूथ अधिकारियों से उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के बारे में जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। कपिल सिंह की कार्यशैली को विशेषज्ञों ने नियमित, सटीक और प्रेरक बताया।
उन्होंने न केवल टीम के कामकाज पर नजर रखी, बल्कि कार्य में लगन और उत्साह बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत तौर पर उत्साहवर्धन और प्रोत्साहन भी किया। उनका दृष्टिकोण यह रहा कि बूथ स्तर पर प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों और प्रक्रियाओं का पूर्ण ज्ञान हो और वे समयबद्ध ढंग से काम को संपन्न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और प्रत्येक मतदाता तक सही जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने सभी बीएलओ और शिक्षामित्रों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सावधानी के साथ संपन्न करें। उनकी यह सक्रिय और प्रेरक कार्यशैली बूथ स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के लिए मॉडल और प्रेरणा के रूप में सामने आई।
कपिल सिंह की पहल से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन सतत निगरानी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से मतदान और पुनरीक्षण प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, जिम्मेदार और प्रभावी बना सकता है। इस दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें अपने कार्य में और उत्कृष्टता लाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, जिलाधिकारी कपिल सिंह की कार्यशैली सक्रिय निरीक्षण, विस्तारपूर्ण समीक्षा और उत्साहवर्धन पर आधारित रही, जिससे पूरे अभियान की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में सुधार हुआ और बूथ स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी उच्च बना।

















