• रात की निगरानी, सख्त फैसले और फील्ड में मौजूदगी से आबकारी विभाग की कार्रवाई बनी मिसाल
• अवैध कारोबार पर पैंतरेबाजी विफल, अवैध शराब समेत चार तस्कर गिरफ्तार
• सटीक छापेमारी और गिरफ्तारी से माफिया का खौफ बढ़ा, टीम-वर्क और फील्ड एक्शन से अवैध शराब के कारोबार पर लगाई रोक
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के खिलाफ जो निर्णायक लड़ाई इन दिनों देखने को मिल रही है, उसके केंद्र में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सख्त, सक्रिय और परिणामोन्मुख कार्यशैली है। उनके नेतृत्व में आबकारी विभाग ने न केवल अपनी कार्यप्रणाली को नई धार दी है, बल्कि शराब माफिया और तस्करों के बीच खौफ का माहौल भी कायम किया है। दिन के साथ-साथ रात में चलाए जा रहे विशेष अभियानों ने यह साफ कर दिया है कि अब अवैध शराब के कारोबार के लिए जिले में कोई जगह नहीं बची है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बन चुकी है, जो कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद फील्ड में उतरकर हालात का जायजा लेते हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अपराधियों की कार्यशैली को समझकर उसी के अनुसार रणनीति तैयार करते हैं। अवैध शराब के अधिकांश कारोबार रात के अंधेरे में पनपते हैं, इसे भांपते हुए उन्होंने रात्रि अभियानों को अपनी कार्रवाई का मुख्य हथियार बनाया। यही वजह है कि आबकारी विभाग की टीमें अब देर रात तक सक्रिय रहकर तस्करों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जिले में हाल ही में चलाए गए रात्रि अभियानों के नतीजे खुद इस बात की गवाही देते हैं कि यह रणनीति कितनी कारगर साबित हो रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही रात में कई तस्करों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी ने शराब माफिया की कमर तोड़ दी है। खास बात यह रही कि पकड़े गए तस्कर बाहरी राज्यों की शराब नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की लाइसेंसी शराब को ही अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहे थे। इस पहलू को उजागर कर सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अवैध कारोबार के हर तरीके पर विभाग की पैनी नजर है। उनकी कार्यशैली में अनुशासन और जवाबदेही साफ झलकती है। हर आबकारी निरीक्षक और फील्ड स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्रवाई केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि ठोस परिणाम के लिए होनी चाहिए। इसी का असर है कि आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें बेहतर समन्वय के साथ काम कर रही हैं। थाना स्तर पर पुलिस के साथ मिलकर की जा रही चेकिंग और दबिश से तस्करों के बच निकलने के रास्ते लगातार बंद होते जा रहे हैं।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव की नेतृत्व क्षमता का एक अहम पहलू यह भी है कि वह अपनी टीम का मनोबल ऊंचा रखते हैं। फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को वह भरोसा दिलाते हैं कि सख्त कार्रवाई में विभाग उनके साथ खड़ा है। यही कारण है कि आबकारी निरीक्षक और कर्मचारी बिना किसी दबाव के पूरे आत्मविश्वास के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। जिले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने यह साबित कर दिया है कि आबकारी विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। उनकी कार्यशैली केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक जिम्मेदारी को भी उतनी ही गंभीरता से लेते हैं। सुबोध कुमार श्रीवास्तव का मानना है कि अवैध शराब केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अवैध शराब से न सिर्फ अपराध बढ़ता है, बल्कि इससे स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचता है। इसी सोच के तहत वह चाहते हैं कि अवैध शराब के खिलाफ लड़ाई में आमजन भी विभाग का सहयोग करें।
यही वजह है कि वह बार-बार जनता से अपील करते हैं कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो बिना भय के विभाग या पुलिस को सूचित करें। उनके इस खुले और सकारात्मक दृष्टिकोण से आम लोगों में भी भरोसा बढ़ा है। अब लोग अवैध शराब के खिलाफ शिकायत करने में हिचकिचाते नहीं हैं, जिससे विभाग को सटीक सूचनाएं मिल रही हैं और कार्रवाई और प्रभावी हो रही है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली ने गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। सख्ती, पारदर्शिता और निरंतर निगरानी के जरिए उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अवैध शराब के कारोबार के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। जिस तरह से लगातार रात्रि अभियान चल रहे हैं और तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में अवैध शराब माफिया के लिए यह जिला पूरी तरह बंद क्षेत्र साबित होगा। उनकी यह कार्यशैली न केवल अन्य जिलों के लिए एक मिसाल बन रही है, बल्कि यह भी साबित कर रही है कि अगर नेतृत्व मजबूत हो तो किसी भी अवैध कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।



















