अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का युद्धस्तर पर अभियान, दिन-रात छापेमारी से मचा हड़कंप

– हरियाणा और यूपी मार्का अवैध शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष प्रवर्तन अभियान को युद्धस्तर पर चला रखा है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में जिलेभर में दिन-रात छापेमारी, दबिश और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सहित जिले की प्रमुख सीमाओं पर सघन वाहन चेकिंग की जा रही है। संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी गहन तलाशी ली जा रही है और वाहन चालकों को अवैध शराब के परिवहन पर कड़ी चेतावनी भी दी जा रही है। आबकारी विभाग की सक्रियता के चलते कई तस्कर अपने ठिकाने बदलने को मजबूर हो गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना जेवर पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया।

आरोपी की पहचान नकुल उर्फ बंटी पुत्र मुकेश के रूप में हुई है, जिसे जेवर क्षेत्र से अवैध रूप से शराब की तस्करी करते हुए पकड़ा गया। उसके कब्जे से मस्ताना ब्रांड देशी शराब हरियाणा मार्का के 58 पव्वे, प्रत्येक 180 एमएल धारिता के, कुल 10.44 बल्क लीटर शराब बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हरियाणा से सस्ती शराब लाकर जिले में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था। इसके अलावा रविवार देर रात आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर और थाना 135 एक्सप्रेस वे पुलिस की संयुक्त टीम ने भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने सेक्टर-135 स्थित रेनबो फार्महाउस के पास दबिश देकर शराब तस्कर गोविंद पुत्र रोहनलाल को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से दोस्ताना ब्रांड देशी शराब के 45 पव्वे, प्रत्येक 200 एमएल धारिता के, यूपी मार्का बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी रात के अंधेरे में अवैध रूप से शराब की बिक्री करता था, ताकि पुलिस और आबकारी विभाग की नजर से बच सके।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली को लेकर विभाग में भी सराहना हो रही है। उनके निर्देश पर गठित टीमें पूरी रणनीति और समन्वय के साथ कार्रवाई कर रही हैं। वह स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनका स्पष्ट निर्देश है कि अवैध शराब का निर्माण, परिवहन और बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आबकारी विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जहां तस्करों के नेटवर्क पर प्रभावी चोट पड़ी है, वहीं आम लोगों में भी यह संदेश गया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्ती तय है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और जिले को अवैध शराब मुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।