ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान, सेक्टर पाई-1 स्थित आईटीबीपी गोलचक्कर , सेक्टर बीटा-1 के रामपुर गोलचक्कर का होगा नवीनीकरण

-ग्रेटर नोएडा ट्रैफिक सुधार अभियान: प्रमुख गोलचक्करों का नया स्वरूप
-आईटीबीपी और रामपुर गोलचक्कर की चौड़ाई कम करने और सुधार कार्य से जाम की घटेगी समस्या

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार लग रहे जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्राधिकरण ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा ईस्ट क्षेत्र के दो प्रमुख गोलचक्करों- सेक्टर पाई-1 स्थित आईटीबीपी गोलचक्कर और सेक्टर बीटा-1 के रामपुर गोलचक्कर-के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है।  प्राधिकरण ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों गोलचक्करों पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गोलचक्करों का आकार छोटा किया जाएगा और डिवाइडरों की लंबाई भी कम की जाएगी, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके।योजना के तहत आईटीबीपी गोलचक्कर की परिधि में चौड़ाई 2.5 मीटर कम की जाएगी, जबकि इसके चारों डिवाइडरों की लंबाई 2.7 मीटर घटाई जाएगी।

वहीं रामपुर गोलचक्कर की चौड़ाई भी 2.5 मीटर कम की जाएगी और इसके चारों डिवाइडरों की लंबाई में 3.3 मीटर की कटौती की जाएगी। इन बदलावों से गोलचक्कर पर वाहनों के घूमने के लिए अधिक खुला स्थान मिलेगा और ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा। इसके साथ ही रामपुर गोलचक्कर के पास सेक्टर गामा-1 के अधूरे सर्विस मार्ग को दुरुस्त कर मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा। वहीं सेक्टर गामा-2 की ओर प्राधिकरण कार्यालय के समीप स्थित चारदीवारी को पीछे किया जाएगा, जिससे सर्विस मार्ग को चौड़ा किया जा सके। इन कार्यों के पूरा होने के बाद सर्विस लेन का बेहतर उपयोग संभव होगा और मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा।

प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह ने बताया कि आईटीबीपी गोलचक्कर के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए निविदा जारी कर दी गई है। गोलचक्कर को छोटा करने और डिवाइडरों की लंबाई कम करने से ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी। इस पूरी परियोजना पर दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि शहर की आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण आईटीबीपी गोलचक्कर, रायन स्कूल गोलचक्कर, एलजी चौक, लेबर चौक, रामपुर गोलचक्कर और अमृतपुरम जैसे कई प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्राधिकरण का मानना है कि गोलचक्करों के पुनर्गठन और सड़कों के चौड़ीकरण से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और शहर का ट्रैफिक सिस्टम अधिक सुचारू हो सकेगा।

एके सिंह, महाप्रबंधक
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

आईटीबीपी और रामपुर गोलचक्कर के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। गोलचक्कर का आकार छोटा करने और डिवाइडरों की लंबाई घटाने से ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी। इस परियोजना पर लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए यह कदम ट्रैफिक प्रवाह को सुचारू बनाने और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एके सिंह
महाप्रबंधक (परियोजना)
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण