कौशांबी की चमक, जीडीए की कमाई: पांच भूखंडों की नीलामी से 7.04 करोड़ की आय

-दिल्ली से सटे इलाकों में दिखा खरीदारों का भरोसा, रिजर्व प्राइस से दोगुनी तक पहुंची बोली

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा रिक्त पड़ी संपत्तियों की बिक्री के लिए सोमवार को आयोजित नीलामी में खरीदारों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिल्ली से सटे कौशांबी क्षेत्र के चार आवासीय भूखंडों और यूपी गेट बॉर्डर स्थित एक दुकान के भूखंड समेत कुल पांच भूखंडों की नीलामी सफल रही, जिससे जीडीए को करीब 7.04 करोड़ रुपये की आय हुई है।
सोमवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित इस नीलामी में सुबह से ही बोलीदारों की मौजूदगी नजर आने लगी थी। नीलामी की प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन प्रतिभागी सुबह 10 बजे से ही स्थल पर पहुंच गए थे। नीलामी की अध्यक्षता जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने की, जबकि ओएसडी एवं प्रभारी व्यवसायिक कनिका कौशिक, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार, लेखाकार और प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर नरेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। नीलामी के दौरान सबसे अधिक आकर्षण कौशांबी योजना के भूखंडों को लेकर देखने को मिला। दिल्ली से सटे होने के कारण इस क्षेत्र के भूखंडों पर बोली लगाने वालों में खासा उत्साह रहा। कौशांबी योजना के ब्लॉक-ए में स्थित चार आवासीय भूखंडों की नीलामी की गई, जिनका रिजर्व प्राइस 93 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित था। लेकिन बोली की प्रक्रिया में यह कीमत दोगुनी से भी अधिक तक पहुंच गई।

ब्लॉक-ए का 67.60 वर्गमीटर का एक भूखंड सबसे अधिक चर्चा में रहा, जिसे 2.06 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से खरीदा गया। यह कीमत रिजर्व प्राइस से कहीं अधिक रही। अन्य भूखंड भी लगभग दोगुनी दर पर बिके, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कौशांबी योजना में निवेश को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा यूपी गेट बॉर्डर स्थित पॉकेट-ए में 20.35 वर्गमीटर क्षेत्रफल की एक दुकान का भूखंड भी नीलामी में रखा गया था। यह दुकान 1.61 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिकी, जबकि इसका रिजर्व प्राइस 1.50 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित था। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की संपत्तियों में अब खरीदारों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि सोमवार की नीलामी में कुल पांच भूखंडों की बिक्री से जीडीए को 7.04 करोड़ रुपये की आय हुई है, जो प्राधिकरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि नीलामी में केवल आवासीय भूखंड ही नहीं, बल्कि कन्वीनियेंट शॉपिंग, दुकान, मिक्स लैंड यूज, शिक्षण संस्थान, हॉस्पिटल और नर्सिंग होम से जुड़े भूखंडों को भी शामिल किया गया था। इसके साथ ही शास्त्रीनगर योजना स्थित लाल बहादुर हॉकी स्टेडियम के हॉकी ग्राउंड और नेट प्रैक्टिस एरिया को तीन वर्षों के संचालन के लिए लीज पर देने के लिए भी नीलामी में रखा गया। आने वाले समय में भी इस तरह की नीलामियों के जरिए प्राधिकरण की आय में और वृद्धि होगी तथा शहर के नियोजित विकास को गति मिलेगी।