-नगर आयुक्त ने कंट्रोल रूम से किया लाइव निरीक्षण, 1800 से अधिक कैमरों से ट्रैफिक पर होगी पैनी नजर
-रेड लाइट उल्लंघन पर होगी त्वरित और सख्त कार्रवाई, निगम के कामकाज में बढ़ेगी पारदर्शिता और कुशलता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में नगर निगम इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को पूरी तरह से शहरवासियों के लिए समर्पित करने की तैयारी कर चुका है। यह योजना न केवल शहर में यातायात नियंत्रण को मजबूत करेगी, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इस क्रम में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने आईटीएमएस कंट्रोल रूम का दौरा किया और लाइव ट्रायल लिया। बड़ी स्क्रीन के माध्यम से उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों की मॉनिटरिंग की। ट्रायल के दौरान वैशाली रेड लाइट, कालका गढ़ी रेड लाइट, पुराना बस अड्डा और हापुड़ चुंगी के प्रमुख चौराहों की स्थिति का जायजा लिया गया। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता (निर्माण) नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह और प्रभारी प्रकाश आश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि अब तक शहर में 1800 से अधिक अत्याधुनिक कैमरों को आईटीएमएस के तहत इंटीग्रेट कर दिया गया है। कंट्रोल रूम में डेस्कटॉप इंस्टॉलेशन, 244 इंच चौड़ी और 103 इंच लंबी अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन, सर्वर रूम और आई-ट्रिपल-सी पूरी तरह व्यवस्थित कर दिए गए हैं। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि आने वाले दस दिनों के भीतर यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहरवासियों के लिए पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी। आईटीएमएस के माध्यम से न केवल यातायात को नियंत्रित किया जाएगा, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से रेड लाइट कैमरों के जरिए चालान की प्रक्रिया लागू की जाएगी। इससे न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि यह प्रणाली ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद करेगी।
आईटीएमएस के तहत शहर में लगे कैमरों की मदद से गाजियाबाद नगर निगम के अन्य कार्यों की भी निगरानी संभव होगी। इससे सफाई, सड़क, सार्वजनिक स्थल और अन्य निगम गतिविधियों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा। अधिकारी मानते हैं कि इससे नागरिकों को भी सेवाओं की समयबद्धता और बेहतर गुणवत्ता का लाभ मिलेगा। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि आईटीएमएस की शुरुआत के बाद गाजियाबाद स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा। आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी के माध्यम से नगर निगम अब न केवल ट्रैफिक को नियंत्रित कर पाएगा, बल्कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे सकेगा। आईटीएमएस जैसी तकनीकें शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव लाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और कुशलता भी बढ़ाती हैं। यह योजना गाजियाबाद को तकनीकी दृष्टि से सशक्त और नागरिकों के लिए सुविधाजनक शहर बनाने में मदद करेगी।















