-घंटाघर कोतवाली में विकास कार्यों के बीच भी जनसंपर्क जारी
-समस्या सुनने और समय पर समाधान देने में अनुशासन की मिसाल
-आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यक्तिगत फीडबैक प्रक्रिया को मजबूत किया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ की पहल के तहत जनपद के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों को हाई-टेक सिस्टम और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम तेजी से जारी है। इसी क्रम में घंटाघर कोतवाली का पुर्नविकास भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। मगर इस बीच डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की कार्यशैली ने आमजन और पुलिस महकमे दोनों के बीच चर्चाओं का विषय बना दिया है। लगभग एक माह से चल रहे पुर्नविकास कार्यों के बीच, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल का रोजाना फरियादियों से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनना एक स्थायी क्रम बन गया है। कार्यालय में बैठकर हर फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनना, उसके समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित करना और समयबद्ध निस्तारण के लिए फीडबैक लेना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। यह कार्यशैली न केवल आमजन के बीच विश्वास पैदा कर रही है, बल्कि पूरे नगर जोन में पुलिस की सकारात्मक छवि को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
डीसीपी सिटी की इस जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को देख लोग तारीफ कर रहे हैं। आमतौर पर अधिकारियों को आधुनिक सिस्टम और पुर्नविकास कार्यों में व्यस्त देखा जाता है, लेकिन धवल जायसवाल ने यह सुनिश्चित किया है कि इन सुधार कार्यों के बीच आमजन की शिकायतें और समस्याएं कभी अधूरी न रहें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई फरियादी उसी समस्या के साथ दोबारा उनके पास आता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बुधवार को भी डीसीपी सिटी कार्यालय में पहुंचे कई फरियादियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया। उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीसीपी ने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए और खुद फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया कि समाधान पूर्ण रूप से और गुणवत्ता के साथ हो।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी सिटी) धवल जायसवाल की इस सक्रियता ने अन्य अधिकारियों के लिए भी मिसाल पेश की है। उनकी कार्यशैली में न केवल प्रशासनिक अनुशासन दिखाई देता है, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता भी झलकती है। इस सक्रियता के कारण घंटाघर कोतवाली की सेवा प्रक्रिया और कार्यकुशलता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डीसीपी सिटी ने आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के इस्तेमाल के साथ-साथ पारंपरिक जनता संवाद को भी प्राथमिकता दी है। इससे न केवल आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान हो रहा है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे का एक मजबूत सेतु भी स्थापित हो रहा है। नगर में सुधारात्मक कार्यों और तकनीकी उन्नयन के बावजूद डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की जनसेवा की यह अनूठी पहल पूरे क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बन गई है। जनता, अधिकारियों और फरियादियों के बीच उनकी यह सहज और जवाबदेह कार्यशैली एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है।

डीसीपी सिटी
हमारा मुख्य उद्देश्य जनता के साथ विश्वास और पारदर्शिता स्थापित करना है। प्रत्येक नागरिक की समस्या हमारे लिए महत्वपूर्ण है, चाहे वह किसी भी प्रकार की हो। मैं हमेशा यह मानता हूँ कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि एक ऐसी सेवा है जो लोगों की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास सुनिश्चित करती है। इसलिए मैं अपने कार्यालय में रोजाना फरियादियों से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए समय निर्धारित करता हूँ। कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर आता है, उसे सम्मान और पूरी गंभीरता के साथ सुना जाता है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि शिकायत का समाधान समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण रूप से किया जाए। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि शिकायतकर्ता को न केवल निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी मिले, बल्कि उन्हें यह भी भरोसा हो कि उनकी समस्या का पूर्ण समाधान होगा। गलती या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाता। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक को सुरक्षा, सुविधा और न्याय की समान सेवा मिले।
धवल जायसवाल
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी सिटी)

















