यीडा में डेढ़ साल में शुरू होगी प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट

-एचसीएल और फॉक्सकोन के संयुक्त उपक्रम को 48 एकड़ में भूमि आवंटन
-परियोजना में 3706 करोड़ रुपये का निवेश, 4000 रोजगार के अवसर
-मिट्टी जांच और बाउंड्री वॉल निर्माण सहित उत्पादन तैयारियों का कार्य शुरू

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। उत्तरप्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट डेढ़ वर्ष में स्थापित होगी। एचसीएल और फॉक्सकोन के संयुक्त उपक्रम मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-28 में 48 एकड़ का आवंटन पत्र सौंपा जा चुका है। साथ ही कंपनी ने मौके पर मिट्टी की जांच समेत बाउंड्री वॉल इत्यादि का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अगले वर्ष जुलाई 2027 तक यहां सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन का दावा है।

कंपनी क्षेत्र में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी। इस परियोजना से शहर में करीब 4000 लोगों के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। कंपनी को पहले सेक्टर-10 में भूमि देने पर विचार था, लेकिन भूमि अधिग्रहण न होने के कारण इसे सेक्टर-28 में स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं, सेक्टर-10 में भूमि का खर्च 167 करोड़ रुपये था, जोकि सेक्टर-28 में बढ़कर 292 करोड़ हो गया। कंपनी ने तीन जून 2025 को चिट्ठी लिखकर सरकार से अतिरिक्त खर्च में छूट की मांग की थी। सरकार ने जमीन से जुड़ी बढ़ी लागत पर 75 प्रतिशत और स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर 100 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय किया। अब कंपनी को जमीन का आवंटन हो चुका है। यहां सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन अगले डेढ़ वर्ष में शुरू होगा, कंपनी ने मौके पर बाउंड्री वॉल के साथ ही मिट्टी की जांच समेत अन्य प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सेमीकंडक्टर में वेफर एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक होता है। यह पतली, गोल डिस्क जैसी परत होती है, जिस पर चिप्स या माइक्रोप्रोसेसर बनाए जाते हैं। इसे आप सेमीकंडक्टर चिप का बेस भी कह सकते हैं। यूनिट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, पीसी, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाएगी। इसके लिए प्रतिदिन 19000 केवीए बिजली की जरूरत पड़ेगी व 2000 एमएलडी पानी प्रतिदिन लगेगा।

शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यमुना प्राधिकरण

यमुना सिटी में प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट में उत्पादन अगले डेढ़ वर्ष में शुरू हो जाएगा। कंपनी ने मौके पर मिट्टी की जांच समेत अन्य कार्य शुरू कर दिए हैं।
-शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यीडा