-350 भूखंडों के लिए 16 हजार आवेदन पहुंचे, 4 जून तक कर सकेंगे आवेदन, ई-लॉटरी से होगा भूखंडों का पारदर्शी आवंटन
-40 से 200 वर्गमीटर तक के प्लॉट उपलब्ध, ‘अपनी जमीन-अपना आसमान’ योजना को मिल रहा जबरदस्त प्रतिसाद
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना लोगों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। योजना के तहत निकाले गए 350 आवासीय भूखंडों के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि अब तक करीब 16 हजार आवेदन जमा हो चुके हैं। आवेदकों की भारी संख्या और लगातार बढ़ते रुझान को देखते हुए जीडीए ने आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई से बढ़ाकर अब 4 जून कर दी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि मधुबन-बापूधाम योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। कई आवेदक बैंक अवकाश और तकनीकी कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे, जिसके चलते आवेदन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के कुल 350 आवासीय भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। सभी भूखंडों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र आवेदक को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
मधुबन-बापूधाम योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जो फ्लैट संस्कृति के बजाय अपनी जमीन और अपनी छत का सपना देख रहे हैं। जीडीए द्वारा शुरू की गई ‘अपनी जमीन-अपना आसमान’ योजना के अंतर्गत छोटे और मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। योजना में 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल किए गए हैं। इनमें 40 वर्गमीटर के 76 भूखंड, 60 वर्गमीटर के 61 भूखंड, 90 वर्गमीटर के 60 भूखंड, 112.50 वर्गमीटर के 44 भूखंड, 115 वर्गमीटर के 12 भूखंड, 120 वर्गमीटर के 24 भूखंड, 150 वर्गमीटर के 49 भूखंड और 200 वर्गमीटर के 24 भूखंड शामिल हैं। जीडीए ने इन भूखंडों की कीमत 35 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। योजना के तहत आवंटियों को किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं, एकमुश्त भुगतान करने वालों को चार से छह प्रतिशत तक की विशेष छूट देने का प्रावधान रखा गया है।
योजना में समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण की व्यवस्था भी लागू की गई है। एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आरक्षण निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद और पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सके। जीडीए अधिकारियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। आवेदन करने वाले लोगों को निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक का भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
साथ ही उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम गाजियाबाद क्षेत्र में कोई अन्य संपत्ति नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में सरकारी विभाग द्वारा आवंटित एक से अधिक आवासीय भूखंड या भवन होने की स्थिति में भी आवेदन अमान्य माना जाएगा। मधुबन-बापूधाम योजना को लेकर लोगों के बीच जिस प्रकार का उत्साह दिखाई दे रहा है, उससे साफ है कि शहर में अपनी जमीन और स्वतंत्र मकान की चाहत आज भी बरकरार है। जीडीए को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आवेदन संख्या और बढ़ सकती है। जीडीए प्रशासन का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल भूखंड आवंटित करना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर और सुनियोजित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ योजना को आधुनिक सुविधाओं और पारदर्शी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
















