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यशोदा मेडिसिटी की पहल से स्टेम सेल दान को मिला जन-आंदोलन का स्वरूप
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एक साधारण जांच से किसी के लिए बन सकती है जीवन की नई राह
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स्टेम सेल डोनेशन पर फैली भ्रांतियों को तोड़ने की पहल
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यशोदा मेडिसिटी की मुहिम से बढ़ा डोनर रजिस्ट्रेशन का उत्साह
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बोन मैरो प्रत्यारोपण से जूझते मरीजों के लिए उम्मीद की किरण
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स्वास्थ्य जागरूकता को जनभागीदारी में बदलने का प्रयास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अग्रणी चिकित्सालय यशोदा मेडिसिटी ने स्टेम सेल दान को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए ‘एक मेल, जो जीवन बचाए’ अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को स्टेम सेल दान के महत्व और एक साधारण बकल स्वाब परीक्षण के माध्यम से जीवन बचाने की संभावना के प्रति जागरूक करना रहा। यह जन-जागरूकता अभियान डाट्री स्टेम सेल दान रजिस्ट्री तथा जेनोवा जैव-औषधि लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें आसपास की आवासीय सोसायटियों से बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने न केवल स्टेम सेल दान के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया, बल्कि भारत में स्टेम सेल दानदाता रजिस्ट्री के विस्तार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, भारतीय प्रशासनिक सेवा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने बताया कि ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त विकारों से पीडि़त अनेक मरीजों के लिए अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण ही जीवनरक्षक उपचार होता है। लेकिन 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को परिवार के भीतर उपयुक्त दानदाता नहीं मिल पाता। असंबंधित दानदाता से मेल मिलने की संभावना भी अत्यंत कम होती है, क्योंकि इसके लिए मानव ल्यूकोसाइट एंटीजन का अत्यंत सटीक मेल आवश्यक होता है। ऐसे में एक मजबूत और व्यापक दानदाता रजिस्ट्री जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है। अभियान के दौरान नागरिकों को यह जानकारी दी गई कि बकल स्वाब परीक्षण पूरी तरह सुरक्षित, त्वरित और बिना किसी पीड़ा के किया जाने वाला परीक्षण है, जो जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम बन सकता है।
स्टेम सेल दान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और सही जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया। यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम तथा यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कौशांबी में विशेष जागरूकता एवं पंजीकरण केंद्र लगाए गए, जहां लोगों ने स्टेम सेल दानदाता के रूप में पंजीकरण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर इस प्रक्रिया की महत्ता को समझा।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य संवाद और परिचर्चाओं का भी आयोजन किया गया। इनमें थैलेसीमिक्स इंडिया एवं थैलेसीमिया अंतरराष्ट्रीय महासंघ की सचिव सुश्री शोभा तुली, डाट्री की उत्तर भारत प्रमुख सुश्री बिंदिया साहनी सहित कई विशेषज्ञों ने भारत में स्टेम सेल दान व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में ‘बोन मैरो प्रत्यारोपण की कहानी, मरीज की जुबानी’ श्रृंखला के अंतर्गत मरीजों और स्वस्थ हो चुके लोगों के अनुभव साझा किए गए, जिन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्टेम सेल दान किस प्रकार किसी के जीवन को नई दिशा दे सकता है। यशोदा समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि स्टेम सेल दान के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और यह अभियान जनस्वास्थ्य के प्रति यशोदा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यशोदा समूह की प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य स्टेम सेल दान को सरल, सुलभ और व्यापक बनाना है, ताकि समय पर उपयुक्त दानदाता मिलने से मरीजों को नया जीवन मिल सके। हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण विभाग की निदेशक डॉ. निवेदिता ढींगरा ने कहा कि प्रत्येक नया पंजीकृत दानदाता मरीजों को उपयुक्त मेल के और करीब ले जाता है और उपचार की सफलता की संभावना को बढ़ाता है। यह अभियान इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि जब चिकित्सा सेवा अस्पताल की सीमाओं से आगे बढ़कर समाज से जुड़ती है, तो वह सचमुच जीवन बचाने वाला आंदोलन बन जाती है।
स्टेम सेल डोनेशन जैसे विषय पर यशोदा मेडिसिटी द्वारा शुरू किया गया यह जन-जागरूकता अभियान समाज के लिए अत्यंत सराहनीय पहल है। आज के समय में जब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उपयुक्त डोनर मिलना एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में आम नागरिकों को जागरूक कर उन्हें डोनर रजिस्ट्री से जोड़ना जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के अभियान न केवल चिकित्सा क्षेत्र को मजबूती देते हैं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को भी सशक्त करते हैं।
अभिनव गोपाल
मुख्य विकास अधिकारी

यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन
स्टेम सेल डोनेशन को लेकर समाज में जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। ‘ए मैच दैट सेव्स लाइव्स’ अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास लोगों को यह समझाने का रहा है कि एक छोटा-सा निर्णय किसी के लिए नया जीवन बन सकता है। यशोदा समूह चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभाता रहेगा।
डॉ. पी. एन. अरोड़ा
चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक
यशोदा समूह
इस अभियान का उद्देश्य स्टेम सेल डोनेशन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और डोनर बनने की प्रक्रिया को सरल व सुलभ बनाना है। यशोदा मेडिसिटी में उपलब्ध उन्नत बोन मैरो प्रत्यारोपण सुविधाओं के साथ हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जरूरतमंद मरीजों तक समय पर सही उपचार और उपयुक्त डोनर की उपलब्धता हो सके। यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि एक मजबूत और भरोसेमंद डोनर नेटवर्क तैयार करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
डॉ. उपासना अरोड़ा
प्रबंध निदेशक
यशोदा समूह



















