-नुक्कड़ नाटक से दिया जीवन रक्षक संदेश, सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई
-एसीपी प्रियाश्री पाल की सक्रियता और संवादात्मक शैली ने कार्यक्रम को बनाया असरदार
-हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन कदमों पर विशेष फोकस
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रिय और संवेदनशील भूमिका एक बार फिर सामने आई, जब मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अंतर्गत थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र के एक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त वेवसिटी प्रियाश्री पाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं, छात्रों और अभिभावकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। शनिवार को विश्व भारती पब्लिक स्कूल, क्रॉसिंग रिपब्लिक में आयोजित इस कार्यक्रम में एसीपी प्रियाश्री पाल के साथ थानाध्यक्ष क्रॉसिंग रिपब्लिक और मिशन शक्ति पुलिस टीम मौजूद रही। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद किया गया, वहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आसान और प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत सहायता लेनी चाहिए।
एसीपी प्रियाश्री पाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि समय पर सही नंबर पर संपर्क करना ही सुरक्षा की पहली और सबसे अहम कड़ी है। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। एसीपी ने बच्चों और अभिभावकों को बताया कि साइबर अपराध के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और यदि तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जाए तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एसीपी प्रियाश्री पाल की कार्यशैली इस पूरे कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां उन्होंने न केवल कानून की जानकारी दी, बल्कि बेहद सरल, संवादात्मक और संवेदनशील तरीके से बच्चों और महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उनकी यही कार्यशैली मिशन शक्ति अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बना रही है। कार्यक्रम में शामिल परिजनों और स्कूल स्टाफ ने पुलिस की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम न सिर्फ महिलाओं और बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि महिला अपराध और साइबर अपराधों में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

















