बजट 2026-27: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में नई उड़ान, सभी क्षेत्रों में विकास के अवसर बढ़ेंगे: अतुल गर्ग

-इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा में नए निवेश: हाई-स्पीड रेल और सौर, परमाणु ऊर्जा को मिलेगी मजबूती
-कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास: किसानों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए नए अवसर और लाभ
-महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास: ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बड़े बदलावों के दौर में पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026 भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को नई प्रतिस्पर्धात्मक धार देने की कोशिश करता नजर आता है। सरकार के पास अब ऐसे नीतिगत फैसले लेने की गुंजाइश है, जो लंबे समय से अटके ढांचागत सुधारों को आगे बढ़ा सकें और मैन्युफैक्चरिंग इसका सबसे अहम स्तंभ है। सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान
भाजपा सांसद अतुल ने बजट 2026-27 पर कहा कि यह बजट इस स्पष्ट दृष्टि के साथ तैयार किया गया है कि इससे भारत और अधिक तेज़ी से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत किसी भी विदेशी शक्ति के दबाव में निर्णय न ले और प्रत्येक क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करे। सांसद अतुल ने बताया कि बजट के माध्यम से भारत ने विकसित भारत के लक्ष्य की ओर चौथा गियर लगाया है और आने वाले वर्षों में यह स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और निर्माण क्षेत्र में वैश्विक एम्बेसडर के रूप में उभर सकता है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और रेलवे क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

सात नए हाई-स्पीड रेल मार्ग बनाए जाएंगे, टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये निवेश से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है और सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए भी कच्चे माल पर शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा, उच्च तकनीकी मशीनों के निर्माण के लिए हब बनाए जाएंगे, जिससे विमान पुर्जे, टनल बोरिंग मशीन और माइनिंग क्षेत्र में उद्योग को गति मिलेगी। सांसद अतुल ने कहा कि उद्योग, एसएमई और ग्रामीण विकास में भी कई योजनाएं शामिल हैं। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत खादी और ग्रामोद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड तैयार किया गया है।

कृषि और ग्रामीण विकास पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय काजू और नारियल को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। किसानों के लिए बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि उपकरण का शुभारंभ किया जाएगा। इंडियन चंदन के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार के साथ संयुक्त योजना बनाई जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में सांसद अतुल ने कहा कि कैंसर, डायबिटीज और अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को सस्ता किया जाएगा। जैविक दवाओं के उत्पादन के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन होगा। सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर और पश्चिम उत्तर प्रदेश में नया आयुर्वेदिक संस्थान तथा नए एआईआईएमएस की स्थापना की जाएगी। महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ‘एसएचई’ मार्ट्स शुरू किए जाएंगे और हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। शिक्षा और कौशल विकास पर सांसद अतुल ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल कंटेंट लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिससे 2030 तक 20 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। छोटे शहरों में व्यापार करने वाले लोगों के लिए कॉर्पोरेट मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर खगोल विज्ञान के लिए नए टेलीस्कोप और खेल के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में सांसद अतुल ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों को वर्ल्ड क्लास बनाने के प्रयास होंगे। हिमालय और अराकू वैली में ईको-टूरिज़्म के लिए नए ट्रेकिंग ट्रेल्स बनाए जाएंगे। जलमार्गों और समुद्री यातायात के लिए नए पोर्ट्स और सीप्लेन हब का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, एग्री एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन, जेवर एयरपोर्ट के पास इंडियन सेमीकंडक्टर पार्क, बुंदेलखंड में आईआईटी और सभी 75 जिलों में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर और गर्ल्स हॉस्टल की योजना बनाई गई है।