जाम से जूझते गाजियाबाद को मिलेगी राहत, 13 ब्लैक स्पॉट पर दो दिन में एक्शन प्लान

-ट्रैफिक सुधार पर कमिश्नर सख्त, स्मार्ट बूथ से लेकर कंट्रोल सेंटर तक तेज हुई कवायद

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से जूझ रहे गाजियाबाद शहर को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर के ऐसे 13 प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है, जहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इन सभी स्थलों पर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए अब दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों से समन्वय कर जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ट्रैफिक अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित किए गए सभी 13 जाम प्रभावित स्थलों का सहायक पुलिस आयुक्त यातायात और ट्रैफिक इंस्पेक्टर स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल सुधारात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कमिश्नर ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को पत्राचार कर मौके पर आवश्यक बदलाव सुनिश्चित किए जाएंगे।

बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात, पुलिस उपायुक्त यातायात त्रिगुण बिसेन, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सहित सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस दौरान पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा की गई और आगामी माह की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित 20 स्मार्ट यातायात बूथों के सापेक्ष अब तक चार स्मार्ट बूथ प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर स्थापित किया गया है। इन स्मार्ट बूथों का शुभारंभ गुरुवार को किया जाएगा। इसके साथ ही नौ यातायात निरीक्षक कार्यालयों में से चार का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्यालयों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई सात क्रेनों का रूट निर्धारण जल्द किया जाएगा, ताकि जाम प्रभावित इलाकों में प्रभावी टोइंग और प्रवर्तन कार्रवाई की जा सके। इससे अवैध रूप से खड़े वाहनों पर सख्ती होगी और सड़क पर यातायात सुचारू बना रहेगा। जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ट्रैफिक वॉलिंटियर योजना के तहत अब तक 239 वॉलिंटियर का चयन किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर ने अधिक से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोडऩे के निर्देश देते हुए कहा कि ट्रैफिक सुधार में आमजन की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर अवैध कट, रोड साइनेंज बोर्ड की कमी और यू-टर्न निर्माण योग्य स्थानों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। बैठक के बाद पुलिस कमिश्नर ने पुलिस मुख्यालय स्थित नवनिर्मित ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण भी किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सेंटर को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाए। कंट्रोल सेंटर से शहर के सभी प्रमुख चौराहों और जंक्शनों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। यातायात बाधित होने की आशंका होने पर तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा जाएगा। इसके साथ ही पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल सेंटर से ही आमजन और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जरूरी सूचनाएं दी जा सकेंगी। वीआईपी मूवमेंट के दौरान पूरे रूट की निगरानी भी यहीं से की जाएगी। सभी प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज को एक केंद्रीय प्रणाली से जोड़कर ट्रैफिक पुलिस के एक्स हैंडल पर नियमित रूप से साझा किया जाएगा, ताकि नागरिक घर से निकलने से पहले ही ट्रैफिक की स्थिति जान सकें। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि यातायात पुलिस शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे।