-त्योहार और चुनावी मौसम में अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस नीति
-दिल्ली बॉर्डर से खादर तक चौकसी, मुखबिर तंत्र से टूट रही माफिया की कमर
-हरियाणा शराब की बड़ी खेप जब्त, तस्कर फरार, तलाश जारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। होली पर्व में अभी भले ही करीब तीन सप्ताह का समय शेष हो, लेकिन जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। चुनावी माहौल और त्योहारों के मौसम को देखते हुए शराब माफिया जहां अपनी गतिविधियां तेज कर देते हैं, वहीं जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में विभाग ने भी अपनी रणनीति पहले ही धरातल पर उतार दी है। जिले के संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और अवैध शराब के निर्माण, तस्करी व बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। आबकारी विभाग को भली-भांति ज्ञात है कि चुनाव और त्योहारों के दौरान अवैध शराब का कारोबार कई गुना बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली बॉर्डर, लोनी, लोनी बॉर्डर, डिंडन खादर क्षेत्र, टोल प्लाजा, राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों पर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। आबकारी टीम न केवल स्थायी चेकिंग कर रही है, बल्कि मोबाइल टीमों के जरिए अचानक दबिश देकर शराब तस्करों की कमर तोडऩे का काम भी कर रही है।
डिंडन खादर जैसे इलाकों में जहां पहले अवैध कच्ची शराब के निर्माण की शिकायतें मिलती रही हैं, वहां आबकारी विभाग ने मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया है। स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई कर माफियाओं के ठिकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का साफ कहना है कि अवैध शराब न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि इससे जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसी कड़ी में मंगलवार को आबकारी विभाग को एक अहम सफलता हाथ लगी। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के निर्देशन में आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा की टीम ने थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र के ख़ुशी वाटिका में तस्कर रवि मावी के मकान पर मुखबिर की सूचना के आधार पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान मौके से हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए अनुमन्य कुल 183 पव्वे देसी शराब (कुल 32.94 लीटर) बरामद की गई। बरामद शराब में 150 पव्वे संतरा देसी शराब और 33 पव्वे नाइट ब्लू मेट्रो देसी शराब शामिल हैं।
हालांकि आबकारी टीम के पहुंचने से पहले आरोपी रवि मावी पुत्र लीलू मावी मौके से फरार हो गया, लेकिन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बरामद समस्त अवैध शराब को जब्त कर लिया। फरार अभियुक्त के खिलाफ थाना लोनी बॉर्डर में आबकारी अधिनियम की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होली पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना विभाग की प्राथमिकता है।
अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की टीमें दिन-रात सक्रिय हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। होली से पहले आबकारी विभाग की यह सख्त कार्रवाई साफ संकेत दे दिए है कि गाजियाबाद में शराब माफियाओं के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। विभाग की सक्रिय कार्यशैली, मजबूत खुफिया तंत्र और त्वरित कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि कानून से खेलने वालों को हर हाल में जवाबदेह बनाया जाएगा।

















