रात के अंधेरे में बेच रहा था हरियाणा की शराब, आबकारी विभाग की टीम ने दबोचा

-हरियाणा मार्का 35 पौवे बरामद, दादरी में सर्विस रोड से हुई गिरफ्तारी
-दुकानें बंद होने के बाद महंगे दामों पर बेचता था शराब

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए रात के अंधेरे में शराब बेचने वाले तस्कर को गिरफ्तार किया है। त्योहारों और सप्ताहांत के दौरान शराब की मांग बढऩे का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे अवैध कारोबारियों पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय एवं थाना दादरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात चेकिंग अभियान चलाया। सेक्टर जू-2 के पिछले गेट के पास सर्विस रोड पर संदिग्ध गतिविधि देख टीम ने एक व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ओमकार पुत्र विजेंद्र, निवासी एफएफ-137 काशीराम आवास, सेक्टर जू-2 कॉलोनी, दादरी के कब्जे से 35 पौवे ‘मेक डबल नंबर-1’ विदेशी मदिरा (हरियाणा मार्का) बरामद किए गए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा से सस्ती शराब लाकर स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में बेचता था।

खासतौर पर रात में जब लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद हो जाती थीं, तब वह शराब के शौकीनों को अधिक कीमत वसूलकर पव्वे उपलब्ध कराता था। इस अवैध धंधे से वह मोटा मुनाफा कमा रहा था। आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। विभाग का कहना है कि जिले में बाहरी राज्यों से लाई जा रही अवैध शराब हो या फिर लाइसेंसी दुकानों से खरीदकर की जा रही कालाबाजारी—दोनों ही मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति और सक्रियता की सराहना की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में रात के समय विशेष निगरानी रखी जाए और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाया जाए।

विभाग का मुखबिर तंत्र भी सक्रिय कर दिया गया है, जिससे अवैध तस्करी की सूचनाएं समय रहते मिल सकें। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध शराब के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार हो रही दबिश और गिरफ्तारी से तस्करों में भय का माहौल है। अवैध शराब न केवल राजस्व की हानि का कारण बनती है, बल्कि जनस्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में आबकारी विभाग द्वारा अपनाई गई सख्त और सुनियोजित रणनीति जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किए जाने की तैयारी है, ताकि जनपद को अवैध शराब मुक्त बनाया जा सके।