-दुबई में हुए वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। दुबई में आयोजित वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो (WHX) में यमुना सिटी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क ने वैश्विक कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर सकारात्मक वार्ताएं कीं। कंपनियों ने पार्क में निवेश की इच्छा जताई है और जल्द औपचारिक प्रस्ताव देने की बात कही है।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश के उद्योग विभाग के विशेष सचिव चंद्र विजय सिंह, यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, केंद्र सरकार के औषधि विभाग के निदेशक हितेंद्र साहू तथा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइसेज के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल शामिल थे। दल ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और महावाणिज्यदूत सतीश कुमार सिवान से भी मुलाकात कर मेडिकल डिवाइस पार्क की विशेषताओं और निवेश संभावनाओं से अवगत कराया।
एमडीपी में निवेश को लेकर विप्रो जीई, ओलंपस कारपोरेशन, एलेक्ता, सीमेंस सहित कई दिग्गज कंपनियों से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, डिस्पोसेफ ने विस्तार योजना के तहत 10 एकड़ भूमि के लिए आवेदन करने की बात कही है। वहीं पॉलीमेड क्योर ने अपने पहले से आवंटित सात एकड़ भूखंड पर जल्द निर्माण शुरू करने की घोषणा की। कुसुम हेल्थ केयर ने यूक्रेन और सीआईएस देशों को निर्यात के लिए सहायक चिकित्सा उपकरण संयंत्र लगाने में रुचि दिखाई है। इसके अलावा ASCA (एक्रेडिटेशन स्कीम फॉर कन्फॉर्मिटी असेसमेंट) लैब की स्थापना को लेकर से विस्तृत बातचीत हुई। एक्यूप्रेक ने 250 करोड़ रुपये के निवेश से परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है और इसी माह यमुना सिटी का दौरा करेगी। मेडटेक नवाचार और स्थानीयकरण के अवसरों पर फिलिप्स, फूजी फिल्म्स और जिमर बायोमेट के साथ भी बातचीत शुरू हुई है। कई और कंपनियों को विस्तार योजनाओं के लिए पार्क में आमंत्रित किया गया है।अधिकारियों का कहना है कि इन प्रस्तावों से यमुना सिटी का मेडिकल डिवाइस पार्क राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है, जिससे रोजगार सृजन और मेडटेक क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

















