एक्शन मोड में सीईओ कृष्णा करुणेश, एनटीसी और जनस्वास्थ्य विभाग मर्ज किए

-अथॉरिटी ने दोनों विभागों की जिम्मेदारियां अब संबंधित वर्क सर्किल अधिकारियों को सौंप दी
-सेक्टर-150 हादसे के बाद फील्ड मॉनिटरिंग और सुरक्षा मानकों पर फोकस
-खुले गड्ढों, जलभराव व नागरिक सुरक्षा जोखिमों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कामकाज सुधारने के लिए एक्शन मोड में है। सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्राधिकरण ने अपने दो विभाग एनटीसी (नोएडा ट्रैफिक सेल) और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर दिया है। इन विभागों की जिम्मेदारियां अब संबंधित वर्क सर्किल अधिकारियों को सौंप दी गई है।

नोएडा में एनटीसी (नोएडा ट्रैफिक सेल) और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर उनकी जिम्मेदारियां सीधे वर्क सर्किल अधिकारियों को सौंपने से कामकाज की जवाबदेही और निगरानी प्रणाली में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। पहले विभिन्न कार्य अलग-अलग विभागों में बंटे होने के कारण समन्वय की कमी और जिम्मेदारी तय करने में देरी होती थी। किसी हादसे या शिकायत की स्थिति में यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि अंतिम जिम्मेदारी किसकी है। अब क्षेत्रवार वर्क सर्किल अधिकारियों को सीधे जिम्मेदारी मिलने से जवाबदेही तय करना आसान होगा और कार्रवाई में तेजी आएगी। इसके अलावा, फील्ड स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। वर्क सर्किल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सड़क, जलनिकासी, बैरिकेडिंग, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करेंगे।

इससे खुले गड्ढों, जलभराव या अन्य खतरनाक स्थितियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। यह बदलाव प्रशासनिक ढांचे को सरल बनाने, विभागीय टकराव कम करने और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि निगरानी व्यवस्था सख्ती से लागू रही तो शहर में सुरक्षा मानकों में सुधार देखने को मिल सकता है। यही नहीं, नोएडा प्राधिकरण के 10 वर्क सर्किलों में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। अधिकांश वर्क सर्किल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। नए सीईओ ने शहर में खुले नालों और गड्ढों की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है और सुधार कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।