-आधिकारिक पोर्टल से मिलते-जुलते डोमेन तैयार करने की कोशिश पर प्राधिकरण सतर्क
-उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर जांच तेज, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
-भ्रामक वेबसाइटों पर रोक के लिए समान डोमेन खरीदने की तैयारी, जनता को सतर्क रहने की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की आधिकारिक वेबसाइट के नाम से मिलते-जुलते फर्जी डोमेन तैयार करने के प्रयास का मामला सामने आने पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर की गई, जिसके बाद साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू कर दी है। जीडीए द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आमजन को सूचित किया गया है कि प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन gdaghaziabad.in है, जबकि आधिकारिक फर्स्ट कम फर्स्ट सर्विस (FCFS) पोर्टल का डोमेन gdafcfs.gdaghaziabad.in है। अधिकारियों के संज्ञान में आया कि किसी तीसरे पक्ष द्वारा इनसे मिलते-जुलते नाम का फर्जी डोमेन तैयार करने का प्रयास किया गया, जिससे लोगों को भ्रमित कर धोखाधड़ी की आशंका उत्पन्न हो सकती थी।
मामले का संज्ञान मिलते ही जीडीए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशानुसार भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए जीडीए अपनी आधिकारिक वेबसाइट से मिलते-जुलते सभी संभावित डोमेन नामों को अधिग्रहित (खरीद) करेगा। इस कदम का उद्देश्य किसी भी भ्रामक, अनधिकृत या फर्जी वेबसाइट के निर्माण की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है।
प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट और पोर्टल का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या ऑनलाइन गतिविधि से सावधान रहें। साइबर ठगी से बचाव के लिए आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक है। जीडीए का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के दौर में साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण की इस तत्पर कार्रवाई से न केवल संभावित धोखाधड़ी पर रोक लगेगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।
















