नई आबकारी नीति लागू: शराब-भांग दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण शुरू, फीस बढ़ोतरी से बढ़ेगा राजस्व

-26 फरवरी को पहली किस्त जमा, 23 फरवरी तक होंगे आवेदन
-देशी शराब का 100 एमएल पैक पहली बार बाजार में आएगा
-लाइसेंस शुल्क वृद्धि और नई व्यवस्था से अवैध शराब पर लगेगी रोक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति 2026-27 लागू होने के साथ ही जनपद में शराब और भांग की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। नई नीति के तहत अंग्रेजी, देशी शराब तथा भांग की दुकानों के लाइसेंस शुल्क में वृद्धि की गई है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि नवीनीकरण के लिए आवेदन 18 फरवरी से 23 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि लाइसेंस शुल्क की पहली किस्त 26 फरवरी और दूसरी किस्त 5 मार्च को जमा करनी होगी। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि नई नीति के अंतर्गत शराब दुकानों की लाइसेंस फीस में लगभग 7.5 प्रतिशत तथा भांग की दुकानों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जनपद में वर्तमान में 214 देशी शराब की दुकानें, 192 कंपोजिट शॉप, 43 मॉडल शॉप तथा 14 भांग की दुकानें संचालित हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन नवीनीकरण के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन अंतिम तिथि से पहले बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद है।

नई आबकारी नीति के तहत पहली बार देशी शराब का 100 एमएल का मिनिएचर पैक बाजार में उतारा जाएगा। लगभग 42.8 डिग्री तीव्रता वाला यह पैक करीब 50 रुपये में उपलब्ध होगा। विभाग का मानना है कि छोटे पैक से बिक्री में वृद्धि होगी और अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। यह कदम उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है जो कम मात्रा में शराब खरीदना चाहते हैं। नीति के अनुसार देशी शराब दुकानों की लाइसेंस फीस में क्षेत्रवार वृद्धि भी लागू की गई है। नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में पांच प्रतिशत, नगर पंचायत क्षेत्रों में छह प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आठ प्रतिशत वृद्धि की गई है। अंग्रेजी शराब और मॉडल शॉप के लाइसेंस शुल्क में भी लगभग साढ़े सात प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही देशी शराब के वार्षिक कोटे में भी बदलाव किया गया है।

नगर निगम सीमा क्षेत्र में दुकानों का वार्षिक कोटा चार प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। नई नीति के अंतर्गत शराब बिक्री को संतुलित रखने के लिए मासिक कोटा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। इससे किसी विशेष अवधि में अत्यधिक बिक्री या कमी की स्थिति से बचा जा सकेगा। विभाग का उद्देश्य मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना तथा अवैध बिक्री को रोकना है। प्रदेश सरकार ने पहली बार तीन वर्षों की आबकारी निर्यात नीति 2026-2029 भी लागू की है, जिससे राजस्व बढ़ाने और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि नीति सुधारों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, राजस्व सुदृढ़ करना और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाना है।

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी मौजूदा लाइसेंस धारकों को नवीनीकरण का अवसर दिया जाएगा। अब लाइसेंस तीन वर्षों के लिए नवीनीकृत किए जाएंगे और धारकों को नई नीति के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नई नीति लागू होने से जहां एक ओर राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण, लाइसेंस व्यवस्था में पारदर्शिता और बाजार में संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आबकारी विभाग को भरोसा है कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद में वैध बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा।