कॉलोनी हैंडओवर को लेकर राजेंद्र त्यागी ने म्युनिसिपल कमिश्नर को लिखा पत्र, इंदिरापुरम के पार्षद संजय सिंह ने कहा नगर निगम नहीं है राजेंद्र त्यागी की जागीर
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। भाजपा पार्षदों के बीच युद्ध का शंखनाद हो चुका है और आने वाले समय में नगर निगम में महासंग्राम होगा। एक तरफ जहां भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी हैं वहीं, दूसरी तरफ इंदिरापुरम क्षेत्र के पार्षदों के संगठन मुखिया एवं भाजपा पार्षद संजय सिंह। दरअसल मंगलवार को राजेंद्र त्यागी ने म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर को चिट्ठी लिखकर कॉलोनियों के हैंडओवर से बचने की बात कही है। इस चिट्ठी को इंदिरापुरम सहित अन्य कॉलोनियों के हैंडओवर प्रक्रिया में रूकावट के रूप में देखा जा रहा है। राजेंद्र त्यागी द्वारा चिट्ठी लिखे जाने की जानकारी होते ही संजय सिंह ने पलटवार करते हुए राजेंद्र त्यागी को जनविरोधी होने से बचने की नसीहत देते हुए हद में रहने की सलाह दी है। संजय सिंह का कहना है कि यदि अब इंदिरापुरम की हैंडओवर प्रक्रिया को अर्नगल तरीके से बाधित करने की कोशिश होती है तो जनआंदोलन होगा। इंदिरापुरम के लोग नगर निगम का बहिष्कार करेंगे और टैक्स जमा करना बंद कर देंगे। संजय सिंह ने राजेंद्र त्यागी को अपनी निजी महात्वाकांक्षा और सोच को नगर निगम पर थोपने से बचने की भी सलाह दी है।
ज्ञात हो कि जीडीए द्वारा विकसित कॉलोनियों को नगर निगम को हैंडओवर करने को लेकर सरकारी विभागों के बीच प्रक्रिया चल रही है। हालांकि इंदिरापुरम, राजनगर एक्सटेंशन, स्वर्णजयंतीपुरम सहित कई कॉलोनियों के हैंडओवर की मांग चल रही है। लेकिन इनमें से इंदिरापुरम के हैंडओवर की प्रक्रिया सबसे आगे है। जीडीए एवं नगर निगम के बीच कई दौर की बैठकें भी हो चुकी है। इंदिरापुरम क्षेत्र के पार्षद इसके लिए पिछले कई वर्षों से मेहनत कर रहे हैं। इन सबके बीच मंगलवार को जीडीए बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने सिर्फ पूर्णत विकसित कॉलोनी को नगर निगम को टेकओवर करने की सलाह देते हुए गाजियाबाद नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर को एक चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में कहा गया है कि पूर्व में कई जीडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी द्वारा कई कॉलोनियां नगर निगम को हैंडओवर कर दी गई। इन कॉलोनियों में जन-सुविधाओं के अभाव में जनता नगर निगम के चक्कर लगाती रहती है। ऐसे में हर तरह से विकसित कॉलोनी होने के बाद ही अन्य एजेंसियों को निगम के पास प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मेरठ मंडल की आयुक्त द्वारा लगातार शहर की कई कॉलोनियों को निगम को हैंडओवर किए जाने के प्रस्ताव को मानने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। इनमें इंदिरापुरम, राजनगर एक्सटेंशन, स्वर्ण जयंती पुरम जैसी कॉलोनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन कॉलोनियों की आबादी लाखों में पहुंच चुकी है। इंदिरापुरम की आबादी तीन लाख से अधिक है। जीडीए ने इस कॉलोनी में पार्क, सामुदायिक केंद्र व ग्रीन बेल्ट छोड़ा है, लेकिन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं हुई। इस अवस्था के कारण नगर निगम को हैंडओवर करने के बाद वहां तमाम तरह की समस्याएं रह जाएंगी, जिसे निगम को ठीक कराना होगा। नियमानुसार ऐसी कॉलोनियों में ड्रैनेज, सीवर, वाटर सप्लाई, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, पार्क, सामुदायिक केंद्र, स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं देने के बाद ही निगम को हैंडओवर किया जाए। ऐसी कॉलोनियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाये। जांच समिति की संस्तुति के बाद यह प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। सदन द्वारा प्रस्ताव पास करने के बाद ही किसी कॉलोनी को निगम के अधीन लिया जाये। इस चिट्ठी के सार्वजनिक होने के बाद ही मामले में पक्ष और विपक्ष मुखर हो गये हैं और नगर निगम के पार्षद दो खेमें में बंटते हुए नजर आ रहे हैं। पूर्व में भी यह मुद्दा उठता रहा है। लेकिन इस बार इंदिरापुरम क्षेत्र के पार्षदों का रूख काफी गरम है। ऐसे में आने वाले समय में नगर निगम में इस मुद्दे पर जबरदस्त घमासान होना तय है।
पूर्व में कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जो निगम के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। ऐसी कॉलोनियों को आवास विकास, जीडीए ने आनन-फानन में निगम को हैंडओवर कर दिया। जबकि यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं है। नगर निगम के पास इतना फंड नहीं होता कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करे। नगर निगम का काम मेंटीनेंस वर्क है। ऐसे में इंदिरापुरम या फिर कोई और अविकसित कॉलोनी नगर निगम टेकओवर करता है तो उसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। चिट्ठी में इन्हीं बातों से निगम अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
राजेंद्र त्यागी
भाजपा पार्षद
राजनगर
नगर निगम नियम से चलता है। यह किसी की जागीर नहीं है। ना ही किसी व्यक्ति के शब्दों एवं विचारों का गुलाम है।
राजेंद्र त्यागी अपनी निजी महत्वाकांक्षा की खातिर कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन क्षेत्रीय पार्षद होने के नाते मैं इंदिरापुरम के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। इंदिरापुरम क्षेत्र से नगर निगम को लगभग 15 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है। यदि इस बार भी कॉलोनी हैंडओवर प्रक्रिया में रोड़ा अटकाया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे। इंदिरापुरम के चार लाख से अधिक लोग राजेंद्र त्यागी के विचारों का विरोध करते हैं। उन्हें सलाह है कि अपनी गलत सोच नगर निगम पर ना थोपें।
संजय सिंह
भाजपा पार्षद
इंदिरापुरम
















