फील्ड में उतरे नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, सड़क-फुटपाथ निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों को लगाई फटकार

-मोहन नगर व सिटी जोन में सड़क, फुटपाथ और सौंदर्यीकरण कार्यों का जमीनी निरीक्षण, अधिकारियों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
-सीएम ग्रिड योजना की धीमी प्रगति पर नाराज नगर आयुक्त, गुणवत्ता व गति दोनों पर समझौता नहीं करने की चेतावनी
– ‘विकास धरातल पर दिखना चाहिए’ – औचक निरीक्षणों से निगम तंत्र अलर्ट, मरम्मत व रखरखाव कार्यों को प्राथमिकता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को नगर आयुक्त ने मोहन नगर जोन और सिटी जोन क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण, फुटपाथ निर्माण तथा मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर आयुक्त के अचानक निरीक्षण से निगम अधिकारियों में सक्रियता बढ़ी है और विभिन्न विभागों की कार्यशैली में तेजी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। नगर आयुक्त ने मोहन नगर जोन के प्रमुख मार्गों का विस्तृत निरीक्षण किया। हिंडन एयर फोर्स से मोहन नगर चौराहा, हिंडन एयर फोर्स से भोपुरा मार्ग तथा हिंडन एयर फोर्स से एलिवेटेड रोड तक चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। मुख्य मार्गों के साथ बने फुटपाथ, साइड पटरी, ग्रिल और सड़क किनारे की संरचनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया। नगर आयुक्त ने नागद्वार से एलिवेटेड मार्ग तक किए गए कार्यों को देखकर संतुष्टि व्यक्त की, वहीं सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत मोहन नगर चौराहे से हिंडन एयर फोर्स तक चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गति तत्काल बढ़ाई जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने विशेष रूप से मरम्मत कार्यों पर ध्यान देने के निर्देश दिए। टूटी हुई ग्रिल, क्षतिग्रस्त फुटपाथ, डिवाइडर और चौराहों की स्थिति को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी खामियां भी शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, इसलिए मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल नए निर्माण कार्यों पर ही नहीं बल्कि पहले से बने ढांचों के रखरखाव पर भी बराबर ध्यान दिया जाए। सड़कों के किनारे बनी साइड पटरी, पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और सुरक्षा ग्रिल की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर टूट-फूट या अव्यवस्था मिलने पर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू होना चाहिए। औचक निरीक्षण का असर नगर निगम की कार्यप्रणाली में साफ नजर आ रहा है। अवर अभियंताओं से लेकर विभागीय अधिकारियों तक सभी निर्माण स्थलों पर सक्रियता बढ़ी है और कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी हो गई है।

नगर आयुक्त के लगातार निरीक्षण से विभागों में जवाबदेही तय हो रही है और अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। नगर निगम के विभिन्न विभाग वर्तमान में अलर्ट मोड पर कार्य कर रहे हैं और प्रतिदिन शहर हित से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जा रही है। नगर आयुक्त ने कहा कि विकास कार्य केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और जनता को सुरक्षित, स्वच्छ एवं व्यवस्थित सड़कें उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता निर्माण विपुल, अवर अभियंता विनोद सहित निर्माण विभाग के सुपरवाइजर और संबंधित टीम मौके पर उपस्थित रही।

अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और कार्यों की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। नगर आयुक्त के लगातार औचक निरीक्षणों से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि शहर के विकास कार्यों में अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। निगम प्रशासन शहर की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने, यातायात व्यवस्था सुधारने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से मैदान में उतर चुका है। नगर आयुक्त ने अंत में कहा कि गाजियाबाद को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने के लिए निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।