भीषण गर्मी में बेजुबानों के लिए नगर निगम बना सहारा, पशु-पक्षियों को पानी पिलाने की अपील

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहरवासियों से मानवता के आधार पर पानी रखने का किया आग्रह
-निगम ने चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पशु-पक्षियों के लिए शुरू की पेयजल व्यवस्था
-गौशाला में 2000 से अधिक गोवंशों के लिए लगाए गए 40 कूलर, सुबह-शाम कराया जा रहा स्नान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसानों के लिए राहत की व्यवस्था की जा रही है, वहीं नगर निगम ने बेजुबान पशु-पक्षियों और निराश्रित जीवों के लिए भी मानवीय पहल शुरू की है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की विशेष व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नगर आयुक्त ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर पानी रखकर बेजुबानों की प्यास बुझाने में सहयोग करें। नगर निगम की ओर से इन दिनों भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर पेयजल व्यवस्था संचालित की जा रही है। जलकल विभाग द्वारा शहर में अस्थायी रूप से 85 मटकों के प्याऊ लगाए गए हैं, जबकि 20 से अधिक स्थायी प्याऊ लगातार संचालित किए जा रहे हैं, ताकि राहगीरों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज को निर्देश दिए कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए निराश्रित पशु-पक्षियों के लिए भी शहर में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके बाद नगर निगम द्वारा प्रमुख चौराहों, पेड़ों की छांव और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखवाए जा रहे हैं, ताकि पशु-पक्षियों को गर्मी में राहत मिल सके।

नगर आयुक्त ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि मानवता के आधार पर हर व्यक्ति अपने घर की छत, बालकनी, गेट या बाहर किसी मिट्टी के बर्तन, टब अथवा अनुपयोगी पात्र में पानी भरकर रखे। इससे भीषण गर्मी में प्यास से परेशान पशु-पक्षियों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह छोटी-सी पहल हजारों बेजुबानों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर में 100 से अधिक स्थानों पर निराश्रित पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे गर्मी के मौसम में जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और उन्हें पानी उपलब्ध कराएं। नगर निगम की गौशालाओं में भी गोवंशों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

निगम की गौशाला में वर्तमान में 2000 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए वहां 40 कूलर लगाए गए हैं, ताकि गोवंशों को गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा सुबह और शाम नियमित रूप से गोवंशों को नहलाने की व्यवस्था भी की जा रही है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पशुओं के स्वास्थ्य और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गौशालाओं में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गोवंशों को समय पर चारा, पानी और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाए। शहर में निगम की इस पहल की सराहना भी हो रही है। कई सामाजिक संस्थाएं और जागरूक नागरिक अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर पक्षियों और पशुओं के लिए पानी के बर्तन रख रहे हैं।

लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जीवों की चिंता करना भी समाज की जिम्मेदारी है। नगर निगम का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करे, तो गर्मी के इस कठिन दौर में हजारों जीवों को राहत मिल सकती है। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और मानवता का परिचय देते हुए बेजुबानों की मदद करें।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

भीषण गर्मी में जिस प्रकार इंसानों को पानी की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार बेजुबान पशु-पक्षी भी प्यास से परेशान होते हैं। नगर निगम द्वारा शहर में जगह-जगह पेयजल व्यवस्था कराई जा रही है, लेकिन शहरवासियों को भी मानवता के आधार पर अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर पानी के बर्तन अवश्य रखने चाहिए। छोटी-सी पहल कई बेजुबान जीवों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है। नगर निगम की गौशालाओं में भी गोवंशों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और गर्मी से बचाव हेतु हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त