-दोहरे हत्याकांड का कविनगर पुलिस ने किया 12 घंटे में खुलासा, मां-बेटा गिरफ्तार
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव शाहपुर-बम्हैटा में मकान और 9 हजार रुपए की पेंशन पाने के लालच में दादी और चाचा की पोतों-भतीजे ने गोली मारकर हत्या को अंजाम दिया था। इस दोहरे हत्याकांड से एक बार फिर रिश्ते तार-तार हो गए। अपनों ने अपनों का ही खून कर दिया। कविनगर पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड का 12 घंटे बाद ही खुलासा करते हुए हत्यारोपी पोते और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड में मृतक का बड़ा बेटा और पोता फरार चल रहे है। पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।बम्हैटा में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद जहां लोग हतप्रभ है,वहीं,आरोपितों ने दादी और पोतों के साथ ही चाचा-भतीजे के रिश्ते को भी तार-तार कर दिया।हत्या कांड में मुख्य आरोपी फरार है।मृतका की बहू और बेटे के विरोधाभासी बयानों से पुलिस का शक घटना की रात ही पोतों पर गहरा गया था।इसी शक के आधार पर मृतका की बहू और पोते को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं, मृतका की पोती ने खुद पुलिस को सूचना दी थी।दरअसल,गांव शाहपुर-बम्हैटा में रविवार की रात साढ़े 12 बजे दूसरे मकान में सो रहे भौंदी सिंह यादव पत्नी वृद्ध महिला रामश्री (75) और छोटा बेटा नरेंद्र यादव(38)की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतका के बड़े बेटे सुंदर सिंह ने थाने में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था। परिजनों ने सोमवार को शाम करीब साढ़े तीन बजे गांव के श्मशान घाट में ही अंतिम संस्कार कर दिया था। सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गई थी। कविनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने एसएसआई देवेंद्र सिंह,दारोगा ईमाम जैदी, दारोगा नरपाल सिंह,गिरीश चंद्र जोशी ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को सुंदर यादव का बेटा अभिषेक को मुखबिर की सूचना पर बम्हैटा पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। जबकि सुंंदर यादव की पत्नी संता को गांव बम्हैटा उसके घर से सुबह 9 बजे गिरफ्तार करने के बाद हत्या का खुलासा किया गया। कविनगर थाना प्रभारी ने बताया कि इस हत्याकांड में फरार सुंदर यादव पुत्र भौंदी सिंह व इसका बेटा हिमांशु निवासी गांव बम्हैटा फरार चल रहे है। इन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम लगी हुई है। मृतका रामश्री और उसके बेटे नरेंद्र का सुंदर और उसकी पत्नी संता से कुछ दिन पहले ही विवाद हुआ था। बम्हैटा निवासी स्वर्गीय भौंदी सिंह यादव रेलवे में नौकरी करते थे। उनकी मृत्यु होने के बाद उनके बड़े बेटे सुंदर,पत्नी संता,दो बेटे हिमांशु और अभिषेक के साथ बम्हैटा में रहते हैं और कुछ ही दूरी पर दूसरे मकान में भौंदी की पत्नी रामश्री (75) और छोटा बेटा नरेंद्र (38) रहते थे। सुंदर की बेटी पूजा की शादी हो चुकी है और वर्तमान में वह मायके आई हुई है। रात में सुंदर मां के पास सोने के लिए आते हैं। सुंदर एक फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करते हैं जबकि नरेंद्र मकान में ही डेयरी चलाने के साथ सिक्योरिटी गार्ड था। रविवार देर रात रामश्री बाहर टीनशेड में सो रही थीं और नरेंद्र कमरे में। इस दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नरेंद्र की कनपटी पर गोली मारी गई जबकि रामश्री को दो गोली, एक पेट और एक कमर में मारी गई। रात करीब साढ़े 12 बजे जब सुंदर मकान में सोने के लिए आए तो मां व भाई के शव चारपाई पर पड़े देखकर उन्होंने अपनी पत्नी को बताया और बेटी पूजा ने पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और छानबीन की। इस दौरान पुलिस को 315 बोर के दो खोखे और एक गोली मिली। घटनास्थल पर सुंदर व सुंदर के ताऊ के बेटे कल्लू मिले। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मौके पर पुलिस को सुंदर के दोनों बेटे नहीं मिले। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि नरेंद्र नशे का आदी था।आए दिन नशे में परिवार से गाली-गलौज करता था। इसी को लेकर सुंंदर के दोनों बेटों ने चाचा नरेंद्र और दादी रामश्री की हत्या की प्लानिंग कर गोली मारकर हत्या कर दी। नरेंद्र अविवाहित था।पुलिस के मुताबिक सुंदर के दोनों बेटों ने मकान कब्जाने और पेंशन पाने के अलावा नरेंद्र द्वारा रोजाना झगड़ा करने को लेकर ही हत्या को अंजाम दिया।
















