1.50 लाख की रिश्वत मामले में लोनी बॉर्डर कोतवाल-सिपाही सस्पेंड

गाजियाबाद। शादी-समारोह में फायरिंग करने के मामले में एक युवक को हिरासत में लेने के बाद 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेकर छोडऩे के आरोप में लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह एवं थाने में तैनात सिपाही कुलदीप यादव को डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक ने निलंबित कर दिया। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि इस मामले में शिकायत आई थी। शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच एसपी ग्रामीण डॉ.ईरज राजा से कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए। आरोपी को थाने से छोडऩे के आरोप में निलंबित किया गया। बता दें कि करीब सात आठ साल पहले लोनी थाने में कोतवाल रहते हुए इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह को गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कराने के मामले में निलंबित किया गया था।डीआईजी अमित पाठक ने बताया कि लोनी बार्डर थाना प्रभारी विश्वजीत के खिलाफ करीब दस दिन पहले शिकायत आई थी। बताया गया था कि एक आरोपी को उन्होंने पकड़ा,लेकिन 1.50 लाख रुपए लेकर उसे थाने से ही छोड़ दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा से मामले की जांच कराई और इसी जांच रिपोर्ट के अधार पर कार्य एवं आचरण में अनियमितता व संदिग्धता के आधार पर इन्हें निलंबित किया गया। बता दें कि इंस्पेक्टर विश्वजीत करीब सात आठ साल पहले लोनी थाने के कोतवाल थे। उस समय भी उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इन आरोपों के चलते तत्कालीन एसएसपी ने इन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि विश्वजीत ने जुगाड़ लगाकर जल्दी ही अपनी बहाली करा ली और यहां से स्थानांतरण कराकर एसटीएफ चले गए थे। लेकिन एसटीएफ से वापस लौट कर एक बार फिर अपने जुगाड़ के दम पर लोनी बॉर्डर थाने का चार्ज ले लिया। एक बार फिर उन्हें निलंबन का मुंह देखना पड़ा है।