सिहानी गेट थाना क्षेत्र में कई वारदातों का खुलासा नहीं
अपहरण और हत्या के मामलों में पुलिस के हाथ खाली
बिल्डर विक्रम त्यागी के बाद एक ओर कारोबारी लापता
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। सिहानी गेट थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम नजर आ रही है। अपहरण एवं हत्या की सिलसिलेवार वारदात होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। अनसुलझी वारदातों ने पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है। सिहानी गेट थाना क्षेत्र में विगत 26 जून को कारोबारी विक्रम त्यागी अचानक लापता हो गए थे। राजनगर एक्सटेंशन निवासी विक्रम त्यागी की कार लावारिस हालत में बरामद हो गई थी, मगर विक्रम को आज तक पुलिस ढूंढ़ नहीं पाई है। इसी क्रम में 9 अक्टूबर को व्यापारी नरेश त्यागी की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 27 अक्टूबर को किराना व्यापारी पराग घोष लापता हो गए। इन तीनों मामलों की गुत्थी आज भी सुलझ नहीं पाई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में है। पीडि़त परिवारों में पुलिस के प्रति निरंतर आक्रोश पनप रहा है। राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम कोर्ट सोसायटी निवासी किराना कारोबारी पराग घोष 27 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गये। कारोबार के सिलसिले में घर से सुबह दस बजे के आस-पास निकले थे। दो दिन से लापता कारोबारी को पुलिस अब तक नहीं ढूंढ पाई है। परिजनों द्वारा घटना की शिकायत सिहानी गेट थाने में दी गई। लेकिन पुलिस किराना कारोबारी का पता नहीं लगा पाई है। सीओ सैकेंड अवनीश कुमार का कहना है कि पुलिस की कई टीमें कारोबारी की बरामदगी के लिए कई ऐंगल पर प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान जो बात सामने निकल कर आ रही है, उससे तो यह लग रहा है कि कारोबारी का अपहरण तो नहीं हुआ। कारोबारी घर से निकलने के बाद इंदिरापुरम पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने खुद ही एटीएम से कैश निकाला। उसके बाद वह कैसे लापता हुए और उनके साथ क्या घटना घटित हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस की आधा दर्जन टीम व क्राइम ब्रांच छोटे से छोटे बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सीओ नेे बताया कि उनकी बरामदगी के लिए जहां पुलिस उनके मित्रों से लेकर उनके साथ रहे कर्मचारियों व अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। वहीं, जांच के दौरान कई और बातें भी सामने आई हैं। सीओ ने बताया कि कारोबारी जिस समय घर से निकले थे, उस समय से ही उनका मोबाइल स्वीच ऑफ था। उन्होंने बताया कि कारोबारी को शीघ्र बरामद कर लिया जायेगा।
अपहरण-हत्या पर पुलिस मौन
राजगर एक्सटेंशन से बिल्डर विक्रम त्यागी का 26 जून की शाम को अपहरण कर लिया गया था। उक्त सनसनीखेज एवं चर्चित प्रकरण का खुलासा भी कई जनपदों की पुलिस और एसटीएफ आज तक नहीं कर पाई है। वहीं, 9 अक्टूबर को भाजपा के मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी के मामा नरेश त्यागी की स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
किराना कारोबारी लूट में जांच होने का दावा
घंटाघर कोतवाली क्षेत्र में गत 10 अक्टूबर की सुबह नेहरू नगर सेकेंड के बी ब्लॉक निवासी मखाना व्यापारी अंकित गर्ग से किराना मंडी में सोने का ब्रेसलेट व अंगूठी और फिर सुमित से सोने का कढ़ा लूट कर बदमाश फरार हो गये। इस वारदात में भी पुलिस खाली हाथ है।
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अपराध रोकने के लिए पुलिस और व्यापारी के बीच आपसी सामंजस्य बेहद जरूरी है, क्योंकि अक्सर स्थानीय पुलिस की चूक के कारण घटनाएं हो जाती हैं। 
इसलिए मामूली विवाद होते ही उसका जड़ से समाधान होना चाहिए, तभी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहेगी। व्यापारियों के सहयोग के बिना पुलिस अपराधों पर लगाम नहीं लगा सकती, लेकिन बदलते दौर में पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। इसे सुधारने के लिए पुलिस को ही कवायद करनी पड़ेगी, जिसमें जनता का सहयोग जरूरी है।
संजय गर्ग, किराना मंडी समिति अध्यक्ष















