-13 ट्रक-टैंकर समेत 5 शातिर ठग गिरफ्तार
गाजियाबाद। फाइनेंस कंपनी से ट्रक पर लोन कराकर उसे खरीदने के बाद फर्जी आरसी तैयार कर उसे बेचने वाले गिरोह के 5 शातिर ठगों को भोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर भंडाफोड़ किया। रविवार को हरसांव स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बताया कि भोजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने दारोगा मनीष चौहान, दीपक कुमार,प्रवेंद्र सिंह, मयंक सिंह, सुमित कुमार और एसओटी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए शातिर ठग जीशान पुत्र उम्मेद अली निवासी मौहल्ला उपाध्यान मेरठ, इन्साद पुत्र जमशेद अली निवासी जाफर कालोनी मसूरी, फरियाद पुत्र स्व: अफसर अली निवासी देहरा धौलाना हापुड़, संजय सोनी पुत्र स्व: गेंदाराम निवासी गगन बिहार गौतमबुद्धनगर, राहुल पुत्र विजयपाल निवासी ग्राम रानौली लतीफपुर जारजा गौतमबुद्धनगर है। इनके पास से 13 ट्रक, टैंकर, फर्जी आरसी, ग्राइंडर बरामद किए गए है। एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया। एसपी ने बताया कि फाइनेंस कराकर ट्रक खरीदने के बाद उसकी फर्जी आरसी बनाकर दूसरे लोगों को ट्रक बेच देते थे। वहीं, ट्रक चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज कराते थे। फाइनेंस कंपनी के लोन न देना पड़े इसलिए ट्रक व टैंकर के चेसिस नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर में हेराफेरी कर फर्जी कागजात तैयार बेच देेते थे।
वहीं, ट्रकों के रजिस्ट्रेशन नंबर व चेसिस नंबर बदलकर फर्जी कागजात तैयार कर उन्हें चलाते भी थे। भोजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि गिरोह में शामिल एक सुनार है। ऐसे ही 100 से ज्यादा ट्रक और टैंकर के फर्जी कागजात तैयार कर बेचने के साथ करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं। इनके अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। गिरोह का सरगना इन्साद है। ट्रकों के इंजन व चेसिस नंबर बदलता था। एसपी ग्रामीण ने बताया गिरोह का सरगना इन्साद वाहनों की किश्त न भर पाने वाले लोगों को तलाशता था। वाहन को सस्ते दामों में खरीदकर उसे चोरी होना दिखा देते और फिर इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम ले लेता था। इसके अलावा ट्रक का इंजन व चेसिस बदलकर फर्जी आरसी तैयार कराने की एवज में लाखों रुपए की वसूली करता था। ट्रक चोरी की रिपोर्ट लिखाकर ट्रक गायब करते थे। पुराना ट्रक तलाशा और उसका इंजन-चेसिस नंबर ले लिया। इसके बाद गिरोह बाहरी राज्यों से फर्जी एनओसी लेकर दलालों से साठगांठ कर आरसी जारी करा लेता था। जीशान, संजय सोनी फर्जी आरसी तैयार करने में मदद करता था। जीशान की भी पूर्व में किश्त टूट गई थी। जीशान ने अपने ससुर के ट्रक का चेसिस नंबर एवं इंजन नंबर बदलकर फर्जी आरसी तैयार कराई थी। पकड़े गए आरोपी ग्राइंडर से इंजन-चेसिस नंबर बदलते थे। एक नंबर के कई ट्रक सड़कों पर चल रहे है। इनकी जांच की जा रही हैं। कई साल से करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर चुके हैं।
















